बगहा: नीट समेत प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों और युवाओं का आक्रोश अब नेपाल और उत्तर प्रदेश सीमा से सटे बगहा तक पहुंच गया है। बुधवार देर शाम सैकड़ों छात्र और युवा सड़क पर उतरे और शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।
प्रदर्शनकारियों ने अंबेडकर प्रतिमा स्थल से शास्त्रीनगर स्थित गांधी चौक तक करीब चार किलोमीटर लंबा मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों ने गोरखपुर-बेतिया मुख्य मार्ग NH-727 पर पैदल मार्च करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।
“मेहनत पर पानी फेर रहा पेपर लीक”
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना था कि वे वर्षों तक कड़ी मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं उनके सपनों को तोड़ देती हैं।
छात्रों ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से देश की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार को इस मामले में जवाब देना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
दोषियों पर कार्रवाई तक जारी रहेगा आंदोलन
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह सिर्फ छात्रों का नहीं बल्कि देश के लाखों युवाओं के भविष्य का सवाल है। जब तक पेपर लीक मामले में दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती और जिम्मेदार लोगों पर जवाबदेही तय नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
शांतिपूर्ण मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र और युवा मौजूद रहे। प्रशासन ने भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बरती।
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