पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव से पहले जदयू के अंदर सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी से निष्कासित नेता अरविंद सिंह उर्फ छोटू सिंह के समर्थन में गुरुवार को जदयू प्रदेश कार्यालय के बाहर समर्थकों ने जमकर प्रदर्शन किया। हाथों में छोटू सिंह की तस्वीर लेकर पहुंचे समर्थकों ने पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नाराजगी जताई और निष्कासन वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के सामने समर्थकों ने “छोटू सिंह को पार्टी में वापस लो” के नारे लगाए। समर्थकों ने नीतीश कुमार और निशांत कुमार के समर्थन में भी नारेबाजी की और पार्टी नेतृत्व से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की।
प्रदर्शन कर रहे समर्थकों का कहना था कि छोटू सिंह लंबे समय से जदयू के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर पार्टी ने निष्कासन का फैसला वापस नहीं लिया तो इसका सीधा असर बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में पड़ सकता है।
समर्थकों ने चेतावनी दी कि पुराने कार्यकर्ताओं की नाराजगी को नजरअंदाज करना एनडीए के लिए राजनीतिक नुकसान का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी को अपने पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं का सम्मान करना चाहिए।
गौरतलब है कि जदयू ने 10 जुलाई को अरविंद सिंह उर्फ छोटू सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था। बताया जा रहा है कि नई प्रदेश टीम में जगह नहीं मिलने के बाद छोटू सिंह ने पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की थी। इसी दौरान उनका एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष उन्हें माहौल नहीं बनाने की बात कहते नजर आए थे।
छोटू सिंह के निष्कासन को लेकर मोकामा विधायक अनंत सिंह भी सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि किसी कार्यकर्ता से गलती होने पर उसे सुधारने का मौका मिलना चाहिए।
अब जदयू कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन ने बांकीपुर उपचुनाव से पहले पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को खुलकर सामने ला दिया है। हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक निष्कासन वापस लेने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।