पटना: राज्य में विकास और राजस्व बढ़ाने को लेकर सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 25 एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इन फैसलों का सीधा असर आम लोगों से लेकर ग्रामीण प्रशासन और बुनियादी ढांचे पर पड़ेगा।
सबसे अहम निर्णय के तहत अब बिहार में पंचायतों को टैक्स वसूलने का अधिकार दे दिया गया है। पंचायतें अब भवन कर, व्यावसायिक भूमि कर, हाट-बाजार शुल्क, पेयजल, कूड़ा उठाव और अन्य स्थानीय सेवाओं पर टैक्स लगा सकेंगी। सरकार का कहना है कि इससे पंचायतों की आय बढ़ेगी और वे विकास कार्यों में आत्मनिर्भर बनेंगी।
वहीं, राज्य में वाहन खरीदना महंगा हो गया है। दोपहिया वाहनों पर 1 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स लगाया गया है, जबकि तीन पहिया वाहनों पर 1000 रुपए अधिक देने होंगे। इसके अलावा व्यावसायिक वाहनों के टैक्स में 4 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वाहन डीलरों और निर्माताओं पर लगने वाला ट्रेड टैक्स भी चार गुना तक बढ़ाया गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए चार जिलों में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की मंजूरी दी है। भागलपुर में बनने वाले एयरपोर्ट का नाम अजगैबीनाथ धाम रखा जाएगा, जिस पर 1329.58 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा राजगीर, रोहतास और कैमूर में भी एयरपोर्ट बनाए जाएंगे। इस संबंध में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और राज्य सरकार के बीच समझौता हो चुका है।
महिला सशक्तिकरण के तहत महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटर उपलब्ध कराने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पुनौराधाम स्थित माता सीता जन्मस्थली को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए 50.89 एकड़ जमीन मंदिर न्यास समिति को निःशुल्क हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है।
इसके अलावा, वर्ष 2026 में पंचायत चुनाव नए परिसीमन के आधार पर कराए जाएंगे, जो 2011 की जनगणना पर आधारित होगा। कैदियों की मृत्यु पर मुआवजा नीति बनाने, पूर्व सैनिक कक्षपालों का मानदेय बढ़ाने तथा ‘सरस्वती विद्या निकेतन’ मॉडल स्कूल विकसित करने जैसे प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई है।
सरकार का मानना है कि इन फैसलों से राज्य में विकास को गति मिलेगी, हालांकि टैक्स में बढ़ोतरी को लेकर आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।