बगहा: मानव तस्करी के चर्चित मामले में बगहा कोर्ट ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। महज 24 दिनों में स्पीडी ट्रायल के जरिए सुनवाई पूरी करते हुए अदालत ने दो मानव तस्करों को आजीवन कारावास की सजा दी है। बिहार में मानव तस्करी के मामलों में इतनी तेजी से फैसला आने वाला यह पहला मामला बताया जा रहा है।
मामला नौरंगिया थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां तीन नाबालिग बच्चियों को गायब कर मानव तस्करी के लिए ले जाने का आरोप पश्चिम बंगाल निवासी दो आरोपियों नियोती भुइयां और नागेश भुइयां पर लगा था। जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अदालत में साक्ष्य पेश किए।
बगहा व्यवहार न्यायालय के एडीजे-4 मानवेंद्र मिश्र की अदालत ने सभी सबूतों और गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
फैसले के बाद दोनों दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच बगहा जेल भेज दिया गया। कोर्ट के इस फैसले को मानव तस्करी के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है।
इस मामले की जानकारी देते हुए सिविल कोर्ट बगहा के एपीपी जितेंद्र भारती ने बताया कि स्पीडी ट्रायल के तहत सुनवाई पूरी कर दोषियों को कठोर सजा दिलाई गई है।
नेपाल और उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे बगहा क्षेत्र में मानव तस्करी की घटनाएं लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। कोर्ट के इस फैसले से जहां पीड़ित परिवारों को न्याय मिला है, वहीं मानव तस्करी में शामिल गिरोहों के बीच भी सख्त संदेश गया है।