सिवान: बिहार के सिवान जिले में पुलिस ने जाली भारतीय नोट छापने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। मैरवा थाना क्षेत्र में हुई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने नकली नोटों की खेप, नोट छापने वाली मशीन और कई उपकरण बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर मैरवा थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव में छापेमारी की गई। इस दौरान पुलिस को मौके से करीब 5 लाख 45 हजार रुपये के जाली नोट, 88 हजार रुपये नकद, प्रिंटर मशीन और अन्य सामान मिले।
इस कार्रवाई में पुलिस ने एक महिला समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में महिला आरोपी ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह अपने भाई मनु दुबे और पति के साथ मिलकर जाली नोट बनाने और उसकी सप्लाई करने के काम में शामिल थी।
इसके बाद पुलिस ने मनु दुबे को भी गिरफ्तार कर लिया। वहीं, गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
पुराने अपराधों से भी जुड़ा है आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी मनु दुबे का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ पहले से अलग-अलग थानों में आठ आपराधिक मामले दर्ज हैं।
सिवान पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह गिरोह कितने समय से सक्रिय था, नकली नोट कहां-कहां पहुंचाए गए और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
नकली नोटों के नेटवर्क पर पुलिस की नजर
एसपी पुरन झा ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बरामद सामान और पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है।
सिवान में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर नकली नोटों के कारोबार पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
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