पटना: बांकीपुर उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार रहे अभिषेक सिन्हा का नामांकन वापस लेना अब बिहार की सियासत में बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष ने इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधना शुरू कर दिया है और सवाल उठाया है कि आखिर पार्टी ने उम्मीदवार चयन से पहले पूरी जानकारी क्यों नहीं जुटाई?
अभिषेक सिन्हा को बीजेपी ने बांकीपुर सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन नामांकन के बाद उनके परिवार का पुराना चारा घोटाला कनेक्शन सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया।
टिकट देने से पहले जांच क्यों नहीं हुई?
विपक्ष का आरोप है कि बीजेपी ने जिस उम्मीदवार को मैदान में उतारा, उसके परिवार से जुड़े पुराने मामलों की जानकारी पहले ही सार्वजनिक होनी चाहिए थी।
आरजेडी और जन सुराज ने सवाल उठाया कि अगर नामांकन के बाद विवाद सामने आना था, तो उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
पिता-माता दोनों का नाम चारा घोटाला मामलों से जुड़ा
अभिषेक सिन्हा के पिता रविंद्र प्रसाद सिन्हा का नाम चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में सामने आया था। वह एक निजी कंपनी से जुड़े थे और अदालत ने उन्हें दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी।
वहीं, उनकी मां चंचला सिन्हा भी चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में आरोपी रही थीं और एक मामले में उन्हें सजा सुनाई गई थी।
इसी पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर विपक्ष ने बीजेपी पर हमला बोला और पूछा कि क्या पार्टी को उम्मीदवार घोषित करने से पहले इन तथ्यों की जानकारी नहीं थी?
नामांकन में जानकारी छिपाने का आरोप
विवाद के बीच यह भी चर्चा रही कि अभिषेक सिन्हा के नामांकन पत्र में कुछ जानकारियों को लेकर सवाल उठे थे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि कई तथ्यों को छिपाया गया।
हालांकि अभिषेक सिन्हा ने नाम वापस लेने की वजह पारिवारिक कारण बताई है। उन्होंने कहा कि वह चुनाव लड़ने में असमर्थ हैं और पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में काम करते रहेंगे।
BJP की रणनीति पर उठे सवाल
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि बांकीपुर जैसे महत्वपूर्ण सीट पर उम्मीदवार बदलने का फैसला बीजेपी के लिए असहज स्थिति पैदा करता है।
विपक्ष अब इसे बीजेपी के उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। वहीं बीजेपी की ओर से इस मामले पर आधिकारिक तौर पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सवाल यही है कि क्या यह सिर्फ नामांकन से जुड़ी तकनीकी समस्या थी या फिर राजनीतिक दबाव के कारण उम्मीदवार बदलना पड़ा? बांकीपुर उपचुनाव में यह मुद्दा कितना असर डालता है, यह चुनाव परिणाम बताएगा।
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ब्यूरो हेड महुआ न्यूज़
बिहार /झारखण्ड