रांची: राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स (RIMS) में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। रिम्स प्रबंधन ने 18 पदों पर चयनित डॉक्टरों और क्लीनिकल ट्यूटर की सूची जारी कर दी है। इसमें सबसे बड़ी उपलब्धि नेफ्रोलॉजी विभाग को मिली है, जहां अब दूसरा विशेषज्ञ डॉक्टर नियुक्त होने जा रहा है।
फरवरी से अप्रैल के बीच आयोजित इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद 15 असिस्टेंट प्रोफेसर और तीन क्लीनिकल ट्यूटर के चयन की सूची जारी की गई है। इसमें नेफ्रोलॉजी विभाग के लिए डॉ. उत्कर्ष मिश्रा का चयन हुआ है।
डॉ. उत्कर्ष मिश्रा की नियुक्ति के बाद रिम्स के नेफ्रोलॉजी विभाग में विशेषज्ञों की संख्या दो हो जाएगी। अभी तक विभाग की जिम्मेदारी डॉ. प्रज्ञा पंत घोष अकेले संभाल रही थीं। अब दो नेफ्रोलॉजिस्ट होने से लंबे समय से प्रस्तावित किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू करने की उम्मीद बढ़ गई है।
रिम्स में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू होने से झारखंड के मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है। अभी गंभीर किडनी रोगियों को कई बार दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। विशेषज्ञों की संख्या बढ़ने से ट्रांसप्लांट की तैयारियों को गति मिलने की संभावना है।
जारी चयन सूची के अनुसार स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में डॉ. बुल्लू प्रिया उरांव और डॉ. चंद्रा ज्योति, मनोचिकित्सा विभाग में डॉ. विद्या केएल, सर्जरी विभाग में डॉ. अली जैद अनवर और डॉ. नाबू कुमार, पीडियाट्रिक सर्जरी में डॉ. गौरव प्रसाद, ट्रॉमा ऑर्थोपेडिक्स में डॉ. सपन कुमार का चयन हुआ है।
वहीं ट्रॉमा एनेस्थीसिया में डॉ. नव्या मिश्रा और डॉ. कुमार गौरव, मेडिसिन विभाग में डॉ. कंचन किरण कुजूर और डॉ. नीलम कुमारी, स्किन विभाग में डॉ. फिरदौस जहां तथा पैथोलॉजी विभाग में डॉ. सुषमा भारती और डॉ. पूर्णिमा भारती का चयन किया गया है।
इसके अलावा रिम्स नर्सिंग कॉलेज के लिए तीन क्लीनिकल ट्यूटर का चयन हुआ है, जिसमें सुमन गोडलिया केरकेट्टा, जोनाकी बिस्वास और नेहारिका श्रीवास्तव शामिल हैं।
हालांकि डॉक्टरों की नियुक्ति के बावजूद रिम्स में कर्मचारियों की कमी अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। नर्सिंग स्टाफ से लेकर तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों तक करीब 70 फीसदी से अधिक पद खाली हैं। इसका असर ऑपरेशन थिएटर, मरीजों की देखभाल और सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है।
अब देखना होगा कि नए डॉक्टरों की नियुक्ति के बाद रिम्स में किडनी ट्रांसप्लांट जैसी बड़ी सुविधा कितनी जल्द शुरू हो पाती है।
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