चतरा: चतरा जिले में मनरेगा योजना से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी हलचल मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद टंडवा पंचायत के मुखिया रामकेश्वर यादव उर्फ किशोर यादव पर कड़ा एक्शन लिया गया है और उनकी सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय शक्तियां तत्काल प्रभाव से छीन ली गई हैं।
पूरा मामला प्रतापपुर प्रखंड का बताया जा रहा है, जहां एक वायरल वीडियो में मुखिया को मनरेगा मजदूरों से भुगतान और डीएससी (DSC) बनवाने के नाम पर कथित रूप से कमीशन लेते हुए देखा गया। जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ, मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा और जांच के आदेश जारी कर दिए गए।
जांच की जिम्मेदारी प्रतापपुर बीडीओ को सौंपी गई थी। रिपोर्ट में आरोपों को गंभीर माना गया और प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं की पुष्टि भी हुई। इसके बाद उपायुक्त ने मुखिया से स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उनके जवाब को संतोषजनक नहीं पाया गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने झारखंड पंचायत राज अधिनियम 2001 के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए मुखिया के सभी अधिकार निलंबित कर दिए। इसके साथ ही पंचायत का कामकाज बाधित न हो, इसलिए उप-मुखिया को तत्काल जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रतापपुर प्रखंड में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अन्य जनप्रतिनिधियों में भी इस कदम को लेकर हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि इस कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासन की सख्त मंशा को साफ कर दिया है।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा जैसी योजना, जो सीधे गरीब और मजदूर वर्ग से जुड़ी है, उसमें इस तरह के आरोप बेहद गंभीर हैं और पारदर्शिता जरूरी है।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की आगे की जांच में जुटा हुआ है और आने वाले दिनों में और भी कार्रवाई संभव मानी जा रही है।
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