रांची/बोकारो: बोकारो एसपी कार्यालय की लेखा शाखा में हुए 11 करोड़ रुपए के बहुचर्चित वेतन घोटाले में सीआईडी ने पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। रांची स्थित सीआईडी की विशेष अदालत में पेश इस चार्जशीट में लेखापाल कौशल कुमार पांडेय को मुख्य मास्टरमाइंड बताते हुए तीन अन्य आरोपियों—गृह रक्षक सतीश कुमार, एएसआई अशोक कुमार भंडारी और आरक्षी काजल मंडल—को भी नामजद किया गया है।
जांच एजेंसी ने ट्रायल को मजबूत बनाने के लिए 35 पन्नों का संक्षेप (जिस्ट), 120 पन्नों की केस डायरी, फॉरेंसिक और फाइनेंशियल ऑडिट रिपोर्ट के साथ 25 गवाहों के बयान अदालत में प्रस्तुत किए हैं।
कैसे हुआ 11 करोड़ का खेल
चार्जशीट के मुताबिक, मुख्य आरोपी कौशल पांडेय ने ई-कुबेर पोर्टल और कंप्यूटर डेटा से छेड़छाड़ कर मृत और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के नाम पर फर्जी बिल तैयार किए। इसके जरिए सरकारी खजाने से करोड़ों रुपए की अवैध निकासी की गई।
पहले यह राशि 21 खातों में ट्रांसफर की गई, जिसके बाद उसे 600 से अधिक खातों में फैलाया गया, ताकि लेन-देन को छिपाया जा सके। सीआईडी की एसआईटी ने इन सभी खातों को फ्रीज कर दिया है।
29 महीने में 63 बार निकासी, 4.29 करोड़ का बड़ा घोटाला
जांच में सामने आया कि कौशल पांडेय ने अकेले 29 महीनों में 63 बार फर्जी तरीके से 4.29 करोड़ रुपए की निकासी की। उसने सेवानिवृत्त हवलदार उपेंद्र सिंह की जन्मतिथि में बदलाव कर उनकी सेवा अवधि को 2026 तक दिखाया और नवंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच फर्जी वेतन निकालता रहा।
इतना ही नहीं, आरोपी ने अपनी पत्नी अनु पांडेय और मां बृज कुमारी देवी के खातों में भी अवैध रूप से रकम ट्रांसफर की।
OTP और साइन का खेल, अधिकारियों को भी बनाया शिकार
चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि कौशल पांडेय डीडीओ को भरोसे में लेकर उनका ओटीपी हासिल करता था और धोखे से दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करा लेता था। इसके जरिए वह सरकारी भुगतान को अपने नियंत्रण में ले आता था।
साथियों के खातों में करोड़ों का ट्रांजैक्शन
- सतीश कुमार (होमगार्ड): इसके खाते में 1.06 करोड़ रुपए का संदिग्ध लेन-देन मिला। यह पैसे निकालकर कौशल को देता था।
- अशोक कुमार भंडारी (एएसआई): इसके खाते और करीबी माध्यमों से 1.11 करोड़ रुपए का ट्रांसफर हुआ।
- काजल मंडल (आरक्षी): इसके घर छापेमारी में 8.75 लाख रुपए नकद बरामद हुए।
आलीशान संपत्ति भी जब्त
सीआईडी ने बोकारो के तेलीडीह इलाके में आरोपियों की करीब 4.08 और 4.98 डिसमिल जमीन पर बने आलीशान मकानों और दस्तावेजों को भी जब्त किया है।
हजारीबाग में 31 करोड़ घोटाले की भी तैयारी
सीआईडी ने संकेत दिया है कि हजारीबाग में हुए 31 करोड़ रुपए के अवैध वेतन निकासी मामले में भी जल्द चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इस मामले में मास्टरमाइंड शंभू कुमार सिंह सहित छह आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
बड़ा सवाल: सिस्टम में सेंध या अंदरूनी साजिश?
इस पूरे मामले ने सरकारी वित्तीय सिस्टम और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने लंबे समय तक करोड़ों की निकासी का पता न चलना प्रशासनिक चूक या अंदरूनी मिलीभगत की ओर इशारा करता है।
अब सभी की नजर अदालत की कार्यवाही और आरोपियों को मिलने वाली सजा पर टिकी है।
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