रांची: पिठौरिया में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने डाक व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यहां के डाकिया विकास कुमार ने अपनी जिम्मेदारी निभाने के बजाय पूरे एक साल तक लोगों की जरूरी डाक अपने ही घर में कैद कर रखी।
चौंकाने वाली बात यह है कि जब पुलिस ने जांच की, तो उसके घर से बोरियों में बंद सैकड़ों जरूरी दस्तावेज बरामद हुए। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक के साथ-साथ कोर्ट और आयकर विभाग के अहम नोटिस भी शामिल थे।
स्थानीय लोगों को लंबे समय से डाक नहीं मिलने की शिकायत थी। इसी के आधार पर जब जांच हुई, तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया। बताया जा रहा है कि आरोपी डाकिया डाक बांटने के बजाय उन्हें इकट्ठा कर घर में ही रखता जा रहा था।
मामले के सामने आते ही विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डाकिया को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही अब एक विशेष अभियान चलाकर सभी जरूरी दस्तावेज संबंधित लोगों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
यह घटना न सिर्फ लापरवाही का बड़ा उदाहरण है, बल्कि उन लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बनी, जिनके जरूरी कागजात महीनों तक उन तक पहुंच ही नहीं पाए।
अब सवाल ये है—क्या आपकी डाक भी कहीं अटकी तो नहीं?
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