हाजीपुर: मैनपावर सोर्सिंग कंपनी विज़न इंडिया के मुख्य कार्य अधिकारी विवेक कुमार ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को “युवाओं का बजट” बताया है। उन्होंने कहा कि इस बार का बजट देश की युवा आबादी को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का विशेष जोर भारत की अगली पीढ़ी यानी युवाओं पर साफ दिखाई देता है।
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विवेक कुमार ने कहा कि मोदी सरकार पहले से ही स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना जैसी पहलों के ज़रिये उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है। इस बजट में घोषित नई योजनाओं से बड़ी संख्या में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
स्थानीय वासुदेवपुर चपुता गांव के उद्यमी विवेक ने बताया कि सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से देश में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के रास्ते खुलेंगे। इसके साथ ही निवेश आकर्षित करने के लिए कई नई योजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिससे युवाओं के लिए नौकरियों के नए अवसर बनेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा निजी विश्वविद्यालयों को खोलने में सहायता देने का फैसला शिक्षा को अधिक सुलभ बनाएगा। ग्रामीण और कमजोर वर्ग से आने वाले छात्रों को इन विश्वविद्यालयों में विशेष सहायता दी जाएगी। वहीं, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोलने के निर्णय से महिला सशक्तीकरण को भी मजबूती मिलेगी।
विवेक कुमार ने बताया कि काजू और कोको सेक्टर के लिए समर्पित प्रस्तावों से इन क्षेत्रों से जुड़े युवाओं को उद्यमी बनने का मौका मिलेगा। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत इसके लिए 2 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास से युवाओं और बेरोजगारों के लिए बेहतर जीवन और रोजगार के अवसर बनेंगे।
उन्होंने कहा कि इस बजट में सरकार ने जेन-जी को भी खासतौर पर ध्यान में रखा है। कंटेंट क्रिएटर्स के लिए लैब स्थापित करने का ऐलान इसी दिशा में बड़ा कदम है। इससे युवा कंटेंट क्रिएटर्स को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
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वित्त मंत्री ने बताया कि भारत में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) सेक्टर में 2030 तक लगभग 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी। इसके लिए 15,000 मिडिल स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित की जाएंगी। इस पहल के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, मुंबई को समर्थन देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।