शेखपुरा में डॉक्टर दंपति ने रक्तदान कर बेलेंटाइन डे मनाया। दोनो डॉक्टर दंपति बरबीघा के रेफरल अस्पताल में कार्यरत है। डॉक्टर दंपति में डॉ.फैसल अरशद जो इसी अस्पताल में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत है। जबकि उनकी पत्नी डॉ. नूर फातिमा महिला रोग विशेषज्ञ है।

रक्तदान से कई जिंदगियां जा सकती है बचाई
डॉ.फैसल अरशद ने कहा कि बेलेंटाइन डे पर रक्तदान करके भी मनाया जा सकता है। जिससे लोगों की जिंदगी बचाया जा सकें। उन्होंने कहा कि आज उनका मुख्य पर्व शब-ए-बारात है और बेलेंटाइन डे भी है। इसके उपलक्ष्य पर दोनों ने रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान को महादान की संज्ञा दी गई है और इससे कई जिंदगी को बचाया जा सकता है। उन्होंने आम लोगों को भी बढ़-चढ़कर रक्तदान करने की अपील की है। ताकि आपातकालीन स्थिति में लोगों की रक्षा की जा सके।

स्वस्थ व्यक्ति एक साल में तीन बार कर सकते है ब्लड डोनेट
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. नूर फातिमा ने कहा कि रक्तदान किसी को जीवनदान दे सकता है। रक्तदान कर बेहतर कार्य करने वाले व्यक्ति किसी जरूरतमंद के घर में खुशियां ला सकते हैं। ऐसे में रक्त दान किए जाने को लेकर सभी लोगों को हर संभव पहल करनी चाहिए। एक स्वस्थ व्यक्ति एक साल में तीन बार ब्लड डोनेट कर सकते हैं। रक्तदान से स्वास्थ्य पर किसी भी प्रकार का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता है।
रक्तदान के फायदे
– खून का थक्का नहीं जमता, खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है, जिससे हृदयाघात की समस्या नहीं होती.
– शरीर में नए ब्लड सेल बनते हैं जिससे ऊर्जा आती है।
– शरीर में आयरन की मात्रा बैलेंस हो जाती है।
– रक्तदान वजन कम करने में भी कारगर होता है।
रक्तदान से पहले इन बातों का रखें ध्यान
– 18 साल की उम्र के बाद ही करें रक्तदान।
– शरीर में आयरन की मात्रा भरपूर हो।
– जांच के बाद ही रक्तदान करें।
– 24 घंटे पहले से ही शराब धूम्रपान एवं तंबाकू का प्रयोग न करें।
– ध्यान रहे रक्तदाता का वजन 45 से 50 किलो से कम न हो।