शेखपुरा: गुरुवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शेखपुरा के अध्यक्ष संतोष कुमार तिवारी के निर्देश पर तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) के निर्देशन में 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जन निर्माण केंद्र के सहयोग से संपन्न हुआ।
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इस प्रशिक्षण में जिले के सभी आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविकाएं तथा पारा विधिक सेवक शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले इन कर्मियों को बाल विवाह की रोकथाम से जुड़े कानूनी प्रावधानों, सरकारी योजनाओं तथा सामाजिक हस्तक्षेप के प्रभावी तरीकों की जानकारी देना था, ताकि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बाल विवाह के मामलों की समय रहते पहचान कर उचित कार्रवाई सुनिश्चित कर सकें।
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कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुशील प्रसाद ने बाल विवाह निषेध अधिनियम की प्रमुख धाराओं की जानकारी दी और बताया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति ही नहीं, बल्कि कानूनन अपराध भी है। LADCS के चीफ बीरेंद्र कुमार ने कानूनी सहायता प्रणाली, पीड़ितों को मिलने वाली मुफ्त विधिक सहायता और संरक्षण उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं डिप्टी चीफ श्री गुरुवेश नंदा ने जमीनी स्तर पर समन्वय, रिपोर्टिंग प्रणाली और त्वरित हस्तक्षेप की प्रक्रिया को समझाया।
नीति आयोग की ओर से प्रति राज्य उपस्थित प्रतिनिधि ने बाल विवाह उन्मूलन को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चल रही पहलों, आंकड़ों और लक्ष्यों की जानकारी दी तथा इस अभियान में सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर जोर दिया।
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प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को जागरूकता अभियान चलाने, समुदाय के साथ संवाद स्थापित करने, विद्यालयों एवं पंचायत स्तर पर समन्वय बनाने तथा आपात स्थितियों में संबंधित विभागों से संपर्क करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।