शेखपुरा : जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा 10 फरवरी 2026 से सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इस अभियान के तहत जिले के कुल 6,92,209 लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। कार्यक्रम के सफल संचालन को लेकर 05 फरवरी को जिला सिविल सर्जन सभागार में स्वास्थ्य विभाग एवं सिफार द्वारा मीडिया सहयोगियों के लिए संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई।
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कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को सफल बनाना जिले की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 11 फरवरी को मेगा एमडीए कैंप आयोजित किया जाएगा, जिसमें बूथ लगाकर स्वास्थ्यकर्मी लक्षित लाभार्थियों को अपने सामने दवा सेवन कराएंगे। इसके अलावा अगले 14 दिनों तक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर छूटे हुए लोगों को दवा खिलाने का कार्य करेंगे।
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उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और शुगर, रक्तचाप, अर्थराइटिस जैसे सामान्य रोगों से पीड़ित लोग भी इनका सेवन कर सकते हैं। दवा लेने के बाद यदि किसी को हल्की मितली या चक्कर महसूस हो तो यह परजीवियों के खत्म होने का संकेत हो सकता है। किसी भी समस्या से निपटने के लिए प्रत्येक प्रखंड में रैपिड रिस्पॉन्स टीम तैनात रहेगी।
वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अभियान के दौरान डीईसी, अल्बेंडाजोल और आइवरमेक्टिन की निर्धारित खुराक स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर अपने सामने खिलाई जाएगी। दवा का वितरण नहीं किया जाएगा और इसे खाली पेट नहीं लेना है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी।
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वेक्टर रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार ने कहा कि फाइलेरिया संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है, जो लिम्फैटिक सिस्टम को प्रभावित कर हाथीपांव जैसी विकलांगता का कारण बन सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार पांच वर्षों तक दवा सेवन से इस बीमारी की संभावना समाप्त हो सकती है।
कार्यक्रम में सिफार के प्रतिनिधि श्याम त्रिपुरारी, पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि कुमार कुंदन एवं राहुल कुमार सहित जिला स्तरीय स्वास्थ्य पदाधिकारी और मीडिया सहयोगी उपस्थित रहे।