पटना: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। बांकीपुर उपचुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने गुरुवार को आरजेडी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के बाद बिहार की सियासत में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। सूत्रों के अनुसार, मृत्युंजय तिवारी के बीजेपी में शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
मृत्युंजय तिवारी ने वीडियो जारी कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के लिए उन्होंने वर्षों तक पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम किया, वहां अब उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार अपमान सहकर राजनीति करना संभव नहीं है।
उन्होंने कहा, “जिस पार्टी के लिए कठिन समय में भी खड़ा रहा, उसी पार्टी में आज सम्मान नहीं मिल रहा है। कई बार अपनी बात नेतृत्व तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए मैंने अपने सभी पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया।”
तेजस्वी पर साधा निशाना, बोले- दीमकों से घिरा संगठन
इस्तीफे के बाद मृत्युंजय तिवारी ने पार्टी नेतृत्व पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आरजेडी में कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं, जो संगठन को अंदर से कमजोर कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “तेजस्वी यादव ऐसे लोगों से घिरे हुए हैं, जो जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज उन तक पहुंचने नहीं देते। कुछ लोग दीमक की तरह संगठन को खोखला कर रहे हैं।”
हालांकि उन्होंने किसी का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनके बयान को तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं पर निशाने के तौर पर देखा जा रहा है।
कभी लालू के भरोसेमंद नेताओं में थी गिनती
मृत्युंजय तिवारी आरजेडी में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। उन्हें पार्टी के प्रमुख प्रवक्ताओं में गिना जाता था। साल 2014 में आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी का मीडिया प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया था।
अपनी बेबाक शैली और पार्टी का पक्ष मजबूती से रखने के कारण वह आरजेडी के चर्चित चेहरों में शामिल हो गए थे। छात्र राजनीति से सफर शुरू करने वाले मृत्युंजय तिवारी ने संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
बांकीपुर उपचुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
मृत्युंजय तिवारी का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति पहले से ही गरम है। इससे पहले भी कई नेताओं के पाला बदलने की चर्चाएं सामने आ चुकी हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मृत्युंजय तिवारी बीजेपी का दामन थामेंगे? अगर ऐसा होता है तो यह आरजेडी के लिए चुनावी माहौल में बड़ा राजनीतिक झटका माना जा सकता है।
फिलहाल मृत्युंजय तिवारी के अगले कदम पर सभी राजनीतिक दलों की नजर टिकी हुई है।