लखीसराय: बिहार विधानसभा चुनाव के बाद लखीसराय जिले में पुलिस प्रशासन में लगातार हो रहे बदलाव अब विवाद का विषय बनते जा रहे हैं। महज ढाई महीने के भीतर जिले में तीन बार एसपी बदलने से प्रशासनिक स्थिरता और कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चुनाव के दौरान जिले के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार थे। इसके बाद 9 जनवरी 2026 को राज्य सरकार के गृह विभाग ने उनका तबादला कर अवधेश दीक्षित को लखीसराय का नया एसपी नियुक्त किया। उन्होंने 10 जनवरी को पदभार संभाला, लेकिन करीब दो महीने बाद ही 15 मार्च को ट्रेनिंग पर भेज दिए गए।
इसके बाद वैभव शर्मा को जिले की कमान सौंपी गई। उन्होंने 17 मार्च को जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्र की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक कर आगामी त्योहारों—ईद-उल-फितर, चैती छठ, चैत नवरात्र, रामनवमी, महावीर जयंती और बिहार दिवस—को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की थी।
हालांकि, इस बैठक के अगले ही दिन 18 मार्च को राज्य सरकार ने एक बार फिर फेरबदल करते हुए वैभव शर्मा का तबादला कर प्रेरणा कुमार को लखीसराय का नया एसपी बना दिया।
लगातार हो रहे इस ताबड़तोड़ बदलाव को लेकर स्थानीय लोगों और जानकारों के बीच चर्चा तेज है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतने कम समय में बार-बार एसपी बदलने के पीछे क्या वजह है? क्या यह प्रशासनिक जरूरत है या फिर राजनीतिक और चुनावी समीकरणों का असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के लगातार तबादले से न केवल पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। वहीं, आम लोगों में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
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