13
BREAKING NEWS
कोसी बना दूध की नदी: बाबा कारू खिरहर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों लीटर दूध से हुआ अभिषेक!कहीं तिलचट्टे तो कहीं पांच हजार बोतलों का मंदिर, कटिहार के 6 पंडाल देखकर रह जाएंगे हैरान!बेर के पेड़ के नीचे पांडवों ने की थी मां दुर्गा की पूजा; सुपौल की वन देवी का रहस्यमयी इतिहास, जहां आज भी पिंडी स्वरूप में विराजती हैं मां!गुलाम भारत में शुरू हुई थी चंपारण की पहली दुर्गा पूजा, आज भी बंगाल से आते हैं मूर्तिकार और ढाकी; स्वर्ण आभूषणों से होता है मां का श्रृंगार!हाथ काटकर लाइए, 2 लाख रुपये इनाम पाइए; बेटियों से छेड़खानी पर पप्पू यादव का विवादित ऐलान, खुर्दा महोत्सव में गरजे पूर्णिया सांसद!दुर्गा पूजा में पंडालों की ओर निकलने से पहले सावधान! शेखपुरा के लोगों से रेशमा भारती की खास अपील, बोलीं—आपकी सुरक्षा सबसे जरूरी!हेलो मां… बचा लो, नहीं तो मर जाऊंगी; प्रेमी ने शादी का झांसा देकर युवती को 2.30 लाख में बेच दिया, कोलकाता से पुलिस ने कराया रेस्क्यू!बिहार में इस बार चूहों नहीं, मुर्गियों के नाम पर शराब का खेल; मुर्गी फार्म में जमीन के नीचे बना था तहखाना, 15 लाख की बीयर बरामद!दुर्गा पूजा की भीड़ में आपके मोबाइल और गहनों पर थी नजर; मुजफ्फरपुर में 15 महिलाएं गिरफ्तार, यूपी और सीवान से जुड़ा मामला!स्नातक चुनाव से पहले राजद को बड़ा झटका; रेशमा भारती की अगुवाई में भाजपा का कुनबा बढ़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष शिव कुमार सिंह ने थामा कमल!रेशमा भारती ने संभाली स्नातक चुनाव की कमान, डॉ. एनके यादव की जीत के लिए भाजपा ने कसी कमर!ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास मौत बनकर दौड़ा ट्रक! 15 श्रद्धालुओं की मौत, 26 घायल; नो-एंट्री में भारी वाहन कैसे पहुंचा?कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में मौत का तांडव! बारिश, अंधेरा और अनाउंसमेंट के बीच भगदड़, 19 की मौत; आयोजकों समेत 12 हिरासत में!पंजाब कमाने गया कटिहार का सूरज दो महीने से लापता, बेटे की तलाश में पंजाब पहुंची मां; दो बहनों को भाई का इंतजार!पटना जंक्शन पर रेलवे का सघन टिकट जांच अभियान, 336 यात्री पकड़े गए; ₹2.25 लाख जुर्माना वसूला!
No menu items available
BREAKING
कोसी बना दूध की नदी: बाबा कारू खिरहर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों लीटर दूध से हुआ अभिषेक!कहीं तिलचट्टे तो कहीं पांच हजार बोतलों का मंदिर, कटिहार के 6 पंडाल देखकर रह जाएंगे हैरान!बेर के पेड़ के नीचे पांडवों ने की थी मां दुर्गा की पूजा; सुपौल की वन देवी का रहस्यमयी इतिहास, जहां आज भी पिंडी स्वरूप में विराजती हैं मां!गुलाम भारत में शुरू हुई थी चंपारण की पहली दुर्गा पूजा, आज भी बंगाल से आते हैं मूर्तिकार और ढाकी; स्वर्ण आभूषणों से होता है मां का श्रृंगार!हाथ काटकर लाइए, 2 लाख रुपये इनाम पाइए; बेटियों से छेड़खानी पर पप्पू यादव का विवादित ऐलान, खुर्दा महोत्सव में गरजे पूर्णिया सांसद!दुर्गा पूजा में पंडालों की ओर निकलने से पहले सावधान! शेखपुरा के लोगों से रेशमा भारती की खास अपील, बोलीं—आपकी सुरक्षा सबसे जरूरी!हेलो मां… बचा लो, नहीं तो मर जाऊंगी; प्रेमी ने शादी का झांसा देकर युवती को 2.30 लाख में बेच दिया, कोलकाता से पुलिस ने कराया रेस्क्यू!बिहार में इस बार चूहों नहीं, मुर्गियों के नाम पर शराब का खेल; मुर्गी फार्म में जमीन के नीचे बना था तहखाना, 15 लाख की बीयर बरामद!दुर्गा पूजा की भीड़ में आपके मोबाइल और गहनों पर थी नजर; मुजफ्फरपुर में 15 महिलाएं गिरफ्तार, यूपी और सीवान से जुड़ा मामला!स्नातक चुनाव से पहले राजद को बड़ा झटका; रेशमा भारती की अगुवाई में भाजपा का कुनबा बढ़ा, पूर्व जिलाध्यक्ष शिव कुमार सिंह ने थामा कमल!रेशमा भारती ने संभाली स्नातक चुनाव की कमान, डॉ. एनके यादव की जीत के लिए भाजपा ने कसी कमर!ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास मौत बनकर दौड़ा ट्रक! 15 श्रद्धालुओं की मौत, 26 घायल; नो-एंट्री में भारी वाहन कैसे पहुंचा?

सभी मेन्यू देखें

Select City

लेटेस्ट अपडेट्स

कोसी बना दूध की नदी: बाबा कारू खिरहर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों लीटर दूध से हुआ अभिषेक!
58 seconds ago
कहीं तिलचट्टे तो कहीं पांच हजार बोतलों का मंदिर, कटिहार के 6 पंडाल देखकर रह जाएंगे हैरान!
15 minutes ago
बेर के पेड़ के नीचे पांडवों ने की थी मां दुर्गा की पूजा; सुपौल की वन देवी का रहस्यमयी इतिहास, जहां आज भी पिंडी स्वरूप में विराजती हैं मां!
32 minutes ago
गुलाम भारत में शुरू हुई थी चंपारण की पहली दुर्गा पूजा, आज भी बंगाल से आते हैं मूर्तिकार और ढाकी; स्वर्ण आभूषणों से होता है मां का श्रृंगार!
38 minutes ago
हाथ काटकर लाइए, 2 लाख रुपये इनाम पाइए; बेटियों से छेड़खानी पर पप्पू यादव का विवादित ऐलान, खुर्दा महोत्सव में गरजे पूर्णिया सांसद!
50 minutes ago

कहीं तिलचट्टे तो कहीं पांच हजार बोतलों का मंदिर, कटिहार के 6 पंडाल देखकर रह जाएंगे हैरान!

कटिहार: बंगाल से सटे बिहार के कटिहार में दुर्गा पूजा का उत्साह हर साल देखते ही बनता है। यहां मां...

कटिहार: बंगाल से सटे बिहार के कटिहार में दुर्गा पूजा का उत्साह हर साल देखते ही बनता है। यहां मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाओं के दर्शन के साथ पंडालों की अनूठी सजावट, रंग-बिरंगी रोशनी और कलाकारों की कल्पनाशीलता लोगों को आकर्षित करती है। यही वजह है कि सीमांचल में कटिहार की दुर्गा पूजा की अलग पहचान है और इसे प्यार से ‘मिनी कोलकाता’ भी कहा जाता है। दुर्गा पूजा के दौरान कटिहार के पंडालों को देखने के लिए शहर के अलावा आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।

इस बार भी कटिहार के पूजा पंडाल अपनी अलग-अलग थीम को लेकर चर्चा में हैं। कहीं विशालकाय कॉकरोच और मकड़ी के जाल जैसी सजावट लोगों को चौंका रही है, तो कहीं शीशमहल की चमक श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है। किसी पंडाल में इटली के वेटिकन सिटी की स्थापत्य शैली की झलक है, तो किसी में हजारों प्लास्टिक की बोतलों से कलाकारी का अनोखा नमूना पेश किया गया है। वहीं, बंगाली धार्मिक परंपरा और म्यांमार की बौद्ध स्थापत्य शैली भी पंडालों की खूबसूरती में चार चांद लगा रही है।

आइए जानते हैं कटिहार के उन छह पंडालों के बारे में, जिनकी अनोखी थीम इस बार दुर्गा पूजा को खास बना रही है।

1. विनोदपुर का कॉकरोच पंडाल: तिलचट्टों के बीच विराजेंगी मां दुर्गा

आमतौर पर घर में कॉकरोच यानी तिलचट्टा दिखते ही लोग उसे भगाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कटिहार के विनोदपुर में यही कॉकरोच दुर्गा पूजा का प्रमुख आकर्षण बन गए हैं। विनोदपुर पूजा समिति ने इस बार कॉकरोच थीम पर आधारित पंडाल तैयार किया है। यहां विशालकाय कॉकरोच की आकृतियां और मकड़ी के जाल जैसी सजावट लोगों को हैरान कर रही हैं।

पंडाल की अनोखी बनावट के बीच मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। इस अलग तरह की कल्पना को देखने के लिए लोग पंडाल की ओर आकर्षित हो रहे हैं और तस्वीरें भी खिंचवा रहे हैं। वर्ष 1935 से दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही समिति ने इस बार पारंपरिक सजावट से हटकर कुछ नया करने की कोशिश की है।

समिति के अध्यक्ष नवीन कुमार मेघानी के अनुसार, कॉकरोच थीम का उद्देश्य लोगों का मनोरंजन करना है। इसका किसी राजनीतिक दल या विचारधारा से संबंध नहीं है। अपनी अनोखी कल्पना के कारण यह पंडाल कटिहार की दुर्गा पूजा की चर्चित थीम में शामिल हो गया है।

2. सन ऑफ इंडिया क्लब का शीशमहल: रोशनी और शीशों की चमक का जादू

कटिहार की दो नंबर कॉलोनी स्थित सन ऑफ इंडिया क्लब का पंडाल इस बार काल्पनिक शीशमहल की थीम पर आधारित है। शीशों की सजावट और रोशनी के खूबसूरत संयोजन से पंडाल को आकर्षक रूप दिया गया है। रोशनी पड़ने के साथ शीशों से पैदा होने वाला चमकदार प्रभाव इसकी खूबसूरती को और बढ़ाता है।

वर्ष 1962 में स्थापित यह क्लब लंबे समय से दुर्गा पूजा आयोजन के लिए जाना जाता है। इस बार शीशमहल की कल्पना ने पंडाल को नया आकर्षण दिया है। मां दुर्गा के दर्शन के साथ यहां आने वाले श्रद्धालु सजावट और रोशनी के अनूठे मेल का भी आनंद ले सकते हैं।

3. एलडब्ल्यूसी क्लब: कटिहार में दिखेगी वेटिकन सिटी की स्थापत्य शैली

कटिहार के एलडब्ल्यूसी क्लब का पंडाल विदेशी स्थापत्य कला की झलक पेश कर रहा है। इसकी थीम इटली स्थित वेटिकन सिटी की वास्तुकला से प्रेरित है। पंडाल की बनावट इसे अन्य पारंपरिक पंडालों से अलग पहचान देती है।

दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को यहां मां दुर्गा के दर्शन के साथ एक अलग तरह की कलात्मक संरचना देखने का अवसर मिल रहा है। विदेशी स्थापत्य शैली को दुर्गा पूजा की सजावट में शामिल करने की यह कोशिश कटिहार के पंडालों की रचनात्मक विविधता को सामने लाती है।

4. लीडर क्लब: पांच हजार प्लास्टिक बोतलों से बनाया काल्पनिक मंदिर

कटिहार के पानी टंकी चौक स्थित लीडर क्लब ने इस बार अपनी थीम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने की कोशिश की है। क्लब की ओर से करीब पांच हजार प्लास्टिक की डिस्पोजेबल बोतलों का इस्तेमाल कर काल्पनिक मंदिर की थीम पर पंडाल तैयार किया गया है।

आमतौर पर इस्तेमाल के बाद फेंक दी जाने वाली प्लास्टिक की बोतलों को कलात्मक रूप देकर पंडाल की सजावट में शामिल करना अपने आप में अनूठा प्रयोग है। यह संरचना दिखाती है कि रचनात्मक सोच के जरिए बेकार समझी जाने वाली वस्तुओं का भी आकर्षक इस्तेमाल किया जा सकता है।

इस पंडाल में मां दुर्गा के दर्शन के साथ लोगों को यह संदेश भी मिलता है कि पुनः उपयोग और रचनात्मकता के जरिए कचरे को कम करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं।

5. संग्राम संघ: बंगाली स्वास्तिक थीम में दिखेगी सांस्कृतिक विरासत

संग्राम चौक के समीप स्थित संग्राम संघ का पंडाल बंगाली स्वास्तिक थीम पर आधारित है। इसकी सजावट में बंगाली धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान की झलक देखने को मिलती है।

कटिहार का बंगाल से लंबे समय से सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। इसका प्रभाव यहां की दुर्गा पूजा, धार्मिक आयोजनों और परंपराओं में भी दिखाई देता है। संग्राम संघ ने अपनी थीम के माध्यम से इसी सांस्कृतिक विरासत को सामने रखने की कोशिश की है।

अन्य पंडालों की विदेशी स्थापत्य शैली और आधुनिक प्रयोगों के बीच यह पंडाल स्थानीय धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा को खास महत्व देता है।

6. श्री यज्ञशाला दुर्गा पूजा समिति: म्यांमार के बौद्ध मंदिर की झलक

श्री यज्ञशाला दुर्गा पूजा समिति का पंडाल इस बार म्यांमार की बौद्ध स्थापत्य शैली से प्रेरित है। इसकी थीम में वहां के प्रसिद्ध श्वेदागोन पगोडा और बौद्ध स्तूप जैसी संरचनाओं की झलक देखने को मिलती है।

पारंपरिक दुर्गा पूजा पंडालों से अलग इस तरह की स्थापत्य शैली श्रद्धालुओं के लिए एक नया अनुभव प्रस्तुत करती है। यहां मां दुर्गा की आराधना के साथ विदेशी वास्तुकला की विशेषताओं को भी करीब से देखने का अवसर मिलता है।

कटिहार के पंडालों में अलग-अलग देशों की स्थापत्य शैली को शामिल करना यह दिखाता है कि दुर्गा पूजा अब केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि कला, शिल्प और रचनात्मक अभिव्यक्ति का भी बड़ा मंच बन चुकी है।

आस्था के साथ कला और कल्पनाशीलता का संगम

कटिहार की दुर्गा पूजा की खासियत यही है कि यहां हर पंडाल अपनी अलग कहानी कहता है। विनोदपुर में कॉकरोच की अनोखी थीम लोगों को चौंकाती है, सन ऑफ इंडिया क्लब का शीशमहल अपनी चमक से आकर्षित करता है, तो एलडब्ल्यूसी क्लब में वेटिकन सिटी की स्थापत्य शैली देखने को मिलती है। लीडर क्लब का बोतलों से बना मंदिर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है, जबकि संग्राम संघ और श्री यज्ञशाला दुर्गा पूजा समिति के पंडाल धार्मिक-सांस्कृतिक विविधता को सामने लाते हैं।

इन छह पंडालों की थीम में परंपरा, आधुनिक कल्पना, पर्यावरण के प्रति जागरूकता और विदेशी स्थापत्य कला का अनूठा मेल देखने को मिलता है। यही वजह है कि दुर्गा पूजा के दौरान कटिहार का माहौल अलग रंग में रंग जाता है और ‘मिनी कोलकाता’ के नाम से मशहूर इस शहर की रौनक श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचती है।

ये खबर भी पढ़े: बेर के पेड़ के नीचे पांडवों ने की थी मां दुर्गा की पूजा; सुपौल की वन देवी का रहस्यमयी इतिहास, जहां आज भी पिंडी स्वरूप में विराजती हैं मां!

Mahuaa News

Author at mahuaanews.com
Scroll to Top