देवघर: श्रावणी मेले की भीड़ के बीच मंगलवार को शिवभक्तों की सांसें उस वक्त थम गईं, जब बिहार का एक श्रद्धालु भट्टर धर्मशाला परिसर के गहरे कुएं में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही NDRF ने ऐसी तेजी दिखाई कि महज कुछ ही मिनटों में कुएं के अंदर पहुंचे जवान ने श्रद्धालु को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बताया गया कि दोपहर करीब 1:30 बजे स्थानीय लोगों की नजर कुएं में गिरे युवक पर पड़ी। तत्काल मेला नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई। करीब पांच मिनट बाद यह सूचना शिवगंगा के पास तैनात NDRF टीम तक पहुंची।
सूचना मिलते ही दौड़ी NDRF टीम
इंस्पेक्टर अशोक कुमार के नेतृत्व में NDRF की टीम करीब 1:40 बजे घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने बिना समय गंवाए कुएं की स्थिति का आकलन किया और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया।
प्रशिक्षित बचाव-कर्मी रस्सी और कैराबिनर के सहारे कुएं में उतरा। नीचे पहुंचकर उसने श्रद्धालु को सुरक्षित तरीके से बांधा और टीम ने आधुनिक बचाव उपकरणों की मदद से उसे ऊपर खींच लिया।
घड़ी की सुई 1:45 पर पहुंची और बच गई जान
करीब 1:45 बजे युवक को कुएं से बाहर निकाल लिया गया। यानी सूचना मिलने के लगभग 10 मिनट के भीतर NDRF ने पूरा रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा कर लिया।
बाहर निकलने के बाद NDRF कर्मियों ने युवक को प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद उसे पुलिस ओपी संख्या-06 को सौंपा गया, जहां से मेडिकल कैंप भेजकर उसकी चिकित्सकीय जांच कराई गई। उसकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
बोधगया का रहने वाला है युवक
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालु की पहचान योगेंद्र चौधरी (28), पिता विलास चौधरी, निवासी बोधगया, गया, बिहार के रूप में हुई है। वह श्रावणी मेले में बाबा वैद्यनाथ के दर्शन के लिए देवघर पहुंचा था।
एक तरफ आस्था का सैलाब, दूसरी तरफ जिंदगी बचाने की दौड़
श्रावणी मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच हुई इस घटना ने कुछ देर के लिए लोगों की चिंता बढ़ा दी। लेकिन NDRF की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को बिगड़ने से पहले ही संभाल लिया।
कुएं की गहराई, मेले की भीड़ और वक्त की चुनौती—इन सबके बीच NDRF की टीम ने कुछ ही मिनटों में ऑपरेशन पूरा कर श्रद्धालु को सुरक्षित निकाल लिया।
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