पटना: बिहार की राजनीति में अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण होने वाले हैं। राज्य को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है। इस बीच नीतीश कुमार के सरकारी आवास पर हलचल तेज हो गई है। जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर अहम बैठक में शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, सत्ता के नए समीकरण को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। इसमें यह तय किया जा रहा है कि जनता दल (यूनाइटेड) की ओर से उपमुख्यमंत्री कौन होगा और किन नेताओं को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस पूरी रणनीति में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है, जिसमें नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। प्रधानमंत्री 14 अप्रैल की शाम पटना पहुंच सकते हैं और अगले दिन समारोह में भाग लेने के बाद दिल्ली लौट जाएंगे। इसके मद्देनजर सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
वहीं 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की अंतिम बैठक होगी। इसके बाद वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे, जिससे मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा।
इसी दिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के विधायक दल की बैठक भी बुलाई जाएगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाया गया है। उनकी मौजूदगी में नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।
कुल मिलाकर, बिहार में सत्ता परिवर्तन की तस्वीर अब लगभग स्पष्ट हो चुकी है। अगले दो दिनों में न सिर्फ नए मुख्यमंत्री का नाम सामने आएगा, बल्कि नई सरकार का पूरा स्वरूप भी तय हो जाएगा, जिस पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।
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