लखीसराय के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल अशोक धाम में आयोजित दो दिवसीय अशोक धाम महोत्सव 2026 का समापन रविवार को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। पूरे आयोजन में संस्कृति, परंपरा और युवा ऊर्जा का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने हर दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया।
समापन समारोह के दौरान मंच पर लोकनृत्य, गीत-संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों की शानदार झलक देखने को मिली। कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर रात तक कार्यक्रम में डटे रहे। खास बात यह रही कि बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी ने पूरे माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
महोत्सव स्थल पर श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक संगीत और तालियों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सव में बदल दिया। हर प्रस्तुति के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया और मंच तालियों से गूंजता रहा।

इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना था। आयोजन ने इस लक्ष्य को बखूबी पूरा किया। लोकसंस्कृति की झलक ने न केवल बुजुर्गों की यादें ताजा कीं, बल्कि युवाओं को भी अपनी परंपराओं से जोड़ने का काम किया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी कलाकारों, प्रतिभागियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाया जाएगा।
अशोक धाम महोत्सव 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि जब संस्कृति और समाज एक साथ आते हैं, तो हर आयोजन सिर्फ कार्यक्रम नहीं, बल्कि यादगार उत्सव बन जाता है।
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