बिहार: न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने पहुंचे जमुई के सांसद अरुण भारती एक तस्वीर को लेकर विवादों में घिर गए हैं। उनके कोट पर लगे तिरंगे के बैज को लेकर सोशल मीडिया पर ऐसी बहस छिड़ी कि मामला सुर्खियों में आ गया। तस्वीरों और वीडियो में बैज पर तिरंगे के रंग उल्टे क्रम में दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद आलोचकों ने सांसद पर निशाना साधते हुए इसे ‘उल्टा राष्ट्रप्रेम’ तक कह दिया।
तिरंगे के बैज ने खींचा सबका ध्यान
जिस कार्यक्रम में सांसद अरुण भारती भारत की बात रखने पहुंचे थे, वहां उनके संबोधन के बजाय कोट पर लगे तिरंगे के बैज को लेकर चर्चा होने लगी। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को लेकर यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि देश का प्रतिनिधित्व करने वाले जनप्रतिनिधियों को राष्ट्रीय प्रतीकों के इस्तेमाल में अतिरिक्त सावधानी नहीं बरतनी चाहिए?
हालांकि, इस मामले में सांसद की ओर से किसी आधिकारिक सफाई की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है। इसलिए विवाद को लेकर सामने आ रहे दावों और प्रतिक्रिया को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
विवाद के बीच UN में भारत की उपलब्धियों का भी जिक्र
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सांसद के संयुक्त राष्ट्र में दिए गए संबोधन की बातें भी सामने आईं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने शांति निर्माण और विकास के क्षेत्र में भारत के अनुभवों का उल्लेख किया। आधार, यूपीआई और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) जैसी पहलों के जरिए पारदर्शिता और सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की बात भी रखी।
उन्होंने भारत की सभ्यतागत सोच ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ यानी पूरा विश्व एक परिवार है, का संदेश भी दिया।
सोशल मीडिया पर सवाल, जवाब का इंतजार
एक तरफ संयुक्त राष्ट्र में भारत की नीतियों और उपलब्धियों को रखने का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ तिरंगे के बैज को लेकर उठा विवाद चर्चा में है। राष्ट्रीय ध्वज देश की पहचान और गौरव का प्रतीक है, इसलिए सार्वजनिक मंचों पर उसके सही प्रदर्शन को अहम माना जाता है।
अब इस मामले में सांसद की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, इस पर लोगों की नजर रहेगी। फिलहाल, तिरंगे के बैज को लेकर सोशल मीडिया पर बहस जारी है।
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