पटना: अगर आप बिहार में रहते हैं और यह सोच रहे हैं कि साल 2026 में सिर्फ मौसम का पारा चढ़ रहा है, तो थोड़ा अपनी जेब संभालिए, क्योंकि वहां भी ‘महंगाई का ज्वालामुखी’ फट चुका है. सम्राट चौधरी सरकार ने एक ही झटके में आपकी जेब से 16,500 करोड़ रुपये निकालने का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया है.
सरकार का तर्क सीधा है—बाबूजी, अगर मुफ्त बिजली चाहिए, पेंशन चाहिए और जीविका दीदियों को 2 लाख रुपये देने हैं, तो तिजोरी में पैसा आसमान से तो टपकेगा नहीं! इसलिए सरकार ने वसूली के तीन ऐसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ मारे हैं कि आम आदमी की चीख निकल जाए.
आइए आसान भाषा में समझते हैं कि सरकार आपकी जेब में कहां-कहां डाका… सॉरी, ‘टैक्स’ लगाने जा रही है:
पहला झटका: 8 साल पुराना ‘मुफ्त का सफर’ खत्म, अब कदम-कदम पर टोल!
साल 2018 याद है? जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दरियादिली दिखाते हुए बिहार के सभी स्टेट हाईवे (SH) और पुलों से टोल टैक्स का झंझट हमेशा के लिए खत्म कर दिया था. तब जनता ने कहा था—वाह! नीतीश बाबू छा गए.
लेकिन अब सरकार का चेहरा बदल चुका है. नई ‘बिहार सड़क उपयोगकर्ता शुल्क 2026 पॉलिसी’ आ चुकी है. अब सिर्फ ग्रामीण सड़कों को छोड़कर, हर मुख्य सड़क पर आपसे वसूली होगी.
गणित समझ लीजिए (ताकि रास्ते में झटका न लगे
- अपनी कार/जीप से निकले: तो ₹1.25 प्रति किलोमीटर का मीटर चालू. (यानी पटना से 100 किमी दूर गए, तो ₹125 का चूना फिक्स).
- कमर्शियल गाड़ी या ट्रक है: तो ₹2 से लेकर ₹8.10 प्रति किलोमीटर तक का टैक्स चुकाने के लिए तैयार रहिए.
- फास्टैग से कटेगा पैसा: कैश देने का कोई बहाना नहीं चलेगा, सब डिजिटल होगा. और हां, महंगाई के हिसाब से यह टैक्स हर साल ऑटोमैटिक बढ़ेगा भी!
दूसरा झटका: पटना में जमीन का भाव आसमान पर, रजिस्ट्री का ‘स्टांप’ भी भारी
बिहार में अब ‘अपना घर’ देखना एक सपना होने जा रहा है. सरकार ने जमीन का सरकारी रेट (सर्किल रेट) 1.6 से 2 गुना तक बढ़ा दिया है.
- पटना के वीआईपी इलाके (बोरिंग रोड, राजाबाजार) में अब जमीन की सरकारी कीमत ही ₹2.50 करोड़ प्रति कट्ठा हो गई है.
- ऊपर से रजिस्ट्री कराने जाओगे, तो स्टांप ड्यूटी को 1% बढ़ाकर 7% कर दिया गया है.
राहत की बात (शायद!): अगर जमीन किसी महिला के नाम पर ले रहे हैं, तो सरकार 5% की छूट देगी. और जिन किसानों की जमीन किसी सरकारी प्रोजेक्ट में जाएगी, उन्हें अब मुआवजा भी डबल मिलेगा. यानी, किसानों की चांदी, लेकिन खरीदार बदहाल!
तीसरा झटका: बालू-गिट्टी पर रॉयल्टी बढ़ी, ‘महल’ बनाना हुआ सपना
अगर जमीन जैसे-तैसे खरीद भी ली, तो दीवारें कैसे खड़ी करोगे भाई? सरकार ने खान एवं भूतत्व विभाग की कमाई का टारगेट ₹5,000 करोड़ रख दिया है. इसके लिए पत्थर और बालू के खनन पर रॉयल्टी बढ़ा दी गई है.
- पत्थर खनन की रॉयल्टी ₹60 से बढ़ाकर सीधे ₹85 प्रति 500 घन मीटर कर दी गई है.
- नतीजा? बाजार में बालू और गिट्टी के दाम में आग लग चुकी है.
कुल मिलाकर कहानी यह है कि अब बिहार की सड़कों पर गाड़ी दौड़ाना हो, जमीन खरीदनी हो या ईंट-बालू का घर बनाना हो… हर मोड़ पर सम्राट सरकार मुस्कुराते हुए कहेगी—“लाओ भाई, पहले टैक्स निकालो!
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