पटना: कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में चल रही बिहार ओपन फिडे रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है। बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, खेल विभाग, बिहार सरकार एवं अखिल बिहार शतरंज संघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता के आठवें चक्र के बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया है।

आठ राउंड की समाप्ति के बाद पीटर क्रियाकोव साढ़े सात अंकों के साथ अकेले शीर्ष पर बने हुए हैं, जबकि सात अंकों के साथ पांच खिलाड़ी संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर काबिज हैं, जिससे खिताब की लड़ाई और भी दिलचस्प हो गई है।

आठवें चक्र में शीर्ष बोर्ड पर पीटर क्रियाकोव और परमब्रता सरकार के बीच निम्जो इंडियन डिफेंस में मुकाबला खेला गया, जो ड्रॉ पर समाप्त हुआ। ओपनिंग में हल्की चूक के बाद पीटर ने स्थिति को भांपते हुए ड्रॉ स्वीकार कर लिया।

दूसरे बोर्ड पर आलेख्य मुखोपाध्याय और आशुतोष कुमार के बीच कैरो-कैन डिफेंस में लंबी जंग देखने को मिली, जो 70 चालों के बाद ड्रॉ रही। अंत के खेल में आलेख्य के पास मंत्री (क्वीन) होने के बावजूद आशुतोष के मजबूत प्यादों ने बाजी को संतुलित रखा।

तीसरे बोर्ड पर महाराष्ट्र के इंद्रजीत महिंद्रकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बिहार के शुभम कुमार को 28 चालों में हराकर सात अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर जगह बना ली।

चौथे बोर्ड पर पीयूष कुमार और अभ्रोज्योति नाथ के बीच इटालियन ओपनिंग में खेला गया मुकाबला 60 चालों के बाद अनिर्णीत रहा।

पांचवें बोर्ड पर नेपाल के राष्ट्रीय चैंपियन रुपेश जायसवाल ने अपने हमवतन शैलेन्द्र न्यूपाने को सिसिलियन डिफेंस में 65 चालों की मैराथन बाजी में हराकर सात अंकों के साथ दूसरे स्थान की दौड़ में खुद को बनाए रखा।

अन्य मुकाबलों में भी कई खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया, जिससे अंक तालिका में कड़ा मुकाबला बना हुआ है। पृथ्वी शर्मा, सुन्दरम कुमार जैसे खिलाड़ियों ने जीत दर्ज कर शीर्ष समूह में अपनी दावेदारी मजबूत की है, जबकि कई मुकाबले ड्रॉ रहने से स्थिति और रोमांचक बनी हुई है।

इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात सहरसा के मात्र छह वर्षीय खिलाड़ी रुद्र प्रताप का प्रदर्शन रहा, जिन्होंने जिम्बाब्वे के इंटरनेशनल मास्टर मोमंबे कुदाजनई को ड्रॉ पर रोककर सभी को चौंका दिया। रुद्र ने बेहद आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए अंत के खेल में अपने प्रतिद्वंदी को बराबरी पर रोक दिया, जो बिहार की उभरती प्रतिभा का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।

इसके साथ ही प्रतियोगिता में एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला, जहां लखीसराय के कमल किशोर सिंह, उनकी पुत्री सुष्मिता कुमारी, और उनके नाती-नतिनी वैभव आनंद एवं वैष्णवी एक ही टूर्नामेंट में भाग लेते नजर आए। यह दृश्य खेल के प्रति पीढ़ियों के जुड़ाव का अनूठा उदाहरण बन गया है।
अब प्रतियोगिता का अंतिम चक्र रविवार सुबह साढ़े नौ बजे से खेला जाएगा, जिसके बाद दोपहर चार बजे पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा। इस समारोह में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि खेल मंत्री श्रेयसी सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगी।
कुल मिलाकर, बिहार ओपन फिडे रेटिंग शतरंज प्रतियोगिता इस बार न सिर्फ बड़े खिलाड़ियों के प्रदर्शन के लिए, बल्कि उभरती प्रतिभाओं और अनोखे किस्सों के लिए भी यादगार बनती जा रही है।
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