पटना: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान को लेकर बिहार की राजनीति में जारी बयानबाजी के बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी खरगे के बयान को जरूरत से ज्यादा तूल दे रही है और इस बहाने जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि देश की जनता बीजेपी नेताओं के पुराने बयानों को भी अच्छी तरह जानती है।
तेजस्वी यादव ने बिहार में अपराध, महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार और किसानों से जुड़े सवालों को उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता के लिए पढ़ाई, कमाई, दवाई और सिंचाई जैसे मुद्दे सबसे महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इन पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो रही है।
‘पढ़ाई, कमाई, दवाई और सिंचाई पर बात क्यों नहीं?’
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी राजनीतिक बयानबाजी के जरिए जनता का ध्यान बुनियादी समस्याओं से हटाना चाहती है। उन्होंने बिहार में अपराध और महिलाओं के खिलाफ होने वाली घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
तेजस्वी के मुताबिक, जनता रोजमर्रा की समस्याओं का समाधान चाहती है। ऐसे में राजनीतिक दलों को बयानबाजी के बजाय रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए।
नीतीश कुमार को लेकर तेजस्वी का पुराना दावा फिर चर्चा में
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पद को लेकर भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह पहले से ही दावा करते रहे हैं कि बीजेपी नीतीश कुमार को लंबे समय तक मुख्यमंत्री नहीं रहने देगी। अब बिहार में मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी के आने को उन्होंने अपने दावे से जोड़ते हुए राजनीतिक घटनाक्रम पर सवाल उठाए।
तेजस्वी ने यह भी कहा कि बिहार की जनता ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने के नाम पर मतदान नहीं किया था। उनके अनुसार, यदि आज चुनाव हो जाए तो सरकार को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। हालांकि, सरकार के भविष्य और चुनावी नतीजों को लेकर तेजस्वी के ये बयान राजनीतिक आकलन हैं।
‘जदयू का स्वतंत्र अस्तित्व खत्म हो रहा’
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) पर हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने दावा किया कि पार्टी का स्वतंत्र राजनीतिक अस्तित्व कमजोर पड़ गया है और सरकार के महत्वपूर्ण फैसलों में बीजेपी की भूमिका प्रमुख हो गई है।
उन्होंने संजय झा को लेकर भी टिप्पणी की और आरोप लगाया कि जदयू के फैसलों पर बीजेपी का प्रभाव बढ़ रहा है। तेजस्वी ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए उसे ‘दो नंबरी मुख्यमंत्री और 10 नंबरी सरकार’ करार दिया।
तेजस्वी के इन आरोपों से बिहार में बीजेपी और जदयू के बीच सत्ता-साझेदारी तथा राजनीतिक प्रभाव को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, जदयू की राजनीतिक स्थिति और सरकार में दोनों दलों की भूमिका को लेकर तेजस्वी के दावों को उनके राजनीतिक बयान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
अनंत सिंह को पार्टी में शामिल करने पर क्या बोले तेजस्वी?
अनंत सिंह को अपनी पार्टी में शामिल करने से जुड़े सवाल पर तेजस्वी यादव ने स्पष्ट रूप से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अनंत सिंह को राजद में शामिल करने का सवाल ही नहीं उठता और वह उन्हें किसी भी परिस्थिति में अपनी पार्टी के साथ नहीं लेना चाहते।
बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज
मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से शुरू हुई राजनीतिक बहस अब बिहार सरकार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जदयू की स्थिति और विपक्ष की रणनीति तक पहुंच गई है। तेजस्वी यादव ने जहां बीजेपी पर मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया, वहीं सत्ता पक्ष की राजनीति और सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए।
अब देखना होगा कि तेजस्वी यादव के इन बयानों पर बीजेपी और जदयू की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और आने वाले दिनों में यह राजनीतिक विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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