गोपालगंज: बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के सफियाबाद गांव में गैस रिसाव के बाद आग लगने से भीषण हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि 17 लोग झुलसकर घायल हो गए। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। बच्चों की मौत से पीड़ित परिवारों में मातम पसरा है, वहीं घायलों के परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गैस रिसाव के बीच आग जलाने के दौरान यह हादसा हुआ। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से झुलसे कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर रेफर किया गया है।
हादसे की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे मंत्री और जनप्रतिनिधि
घटना की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, विधान परिषद सदस्य जनक राम, सदर विधायक सुभाष सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप गिरी उर्फ मंटू गिरी अस्पताल पहुंचे। जनप्रतिनिधियों ने घायलों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी।
इस दौरान घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और जरूरत के अनुसार उन्हें उच्चस्तरीय अस्पताल में भर्ती कराने पर जोर दिया गया। दो बच्चों की मौत की खबर से अस्पताल में भी शोक का माहौल रहा।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को दिए बेहतर इलाज के निर्देश
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने हादसे को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी और सिविल सर्जन से बात कर घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मंत्री ने कहा कि दो मासूम बच्चों की मौत पूरे समाज के लिए गहरा दुख है। इस मुश्किल घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ है। उन्होंने नियमानुसार मुआवजा दिलाने और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही। साथ ही, जरूरत पड़ने पर गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को पटना स्थित पीएमसीएच के बर्न अस्पताल या अन्य उन्नत चिकित्सा केंद्रों में शिफ्ट करने की बात भी कही।
सदर विधायक बोले—घायलों के इलाज पर लगातार नजर
सदर विधायक सुभाष सिंह ने घटना पर गहरा शोक जताया। उन्होंने बताया कि हादसे की जानकारी मिलने के बाद वे वापस लौटे और अधिकारियों के संपर्क में रहकर घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था को लेकर बातचीत की। गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजे गए मरीजों के उपचार के संबंध में भी वहां के प्रबंधन से संपर्क करने की बात उन्होंने कही।
विधायक के अनुसार, वे अस्पताल का जायजा लेने के बाद घटनास्थल का निरीक्षण करेंगे, ताकि हादसे की परिस्थितियों को समझा जा सके और वास्तविक कारणों की जानकारी मिल सके।
जांच के बाद स्पष्ट होगी हादसे की वजह
फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है। पुलिस और प्रशासन की टीम घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। गैस रिसाव कैसे हुआ और आग किन परिस्थितियों में लगी, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दो मासूम बच्चों की मौत और 17 लोगों के झुलसने की इस घटना ने सफियाबाद गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब पीड़ित परिवारों की निगाहें घायलों के स्वास्थ्य में सुधार और प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता पर टिकी हैं।
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गोपालगंज से अनुज पाण्डेय की रिपोर्ट…