कटिहार: “मुझे मेरी प्रतिभा से मिला दो…” यह गुहार लेकर हंसलाल पिछले दो दिनों से अपने पिता के साथ कटिहार पुलिस लाइन और एसपी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। हंसलाल का आरोप है कि जिस पत्नी की पढ़ाई और करियर बनाने के लिए उन्होंने और उनके पिता ने अपनी आर्थिक क्षमता से बढ़कर सहयोग किया, बिहार पुलिस में नौकरी लगने के बाद उसी रिश्ते में अचानक दूरी बढ़ने लगी।
यह पूरा मामला कटिहार जिला पुलिस बल में महिला सिपाही के पद पर तैनात प्रतिभा विश्वकर्मा से जुड़ा है। हालांकि, मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और महिला सिपाही का पक्ष सामने आना बाकी है।
पति का दावा—शादी से नौकरी तक हर कदम पर दिया साथ
हंसलाल के मुताबिक, उनकी और प्रतिभा की मुलाकात प्रयागराज में हुई थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और वर्ष 2022 में शादी हुई। बाद में परिवार की सहमति से दोनों ने कोर्ट मैरिज भी की।
हंसलाल का कहना है कि शादी के समय प्रतिभा नौकरी नहीं करती थीं और आगे पढ़ाई करना चाहती थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति सीमित होने के बावजूद उन्होंने पत्नी की पढ़ाई जारी रखने में पूरा सहयोग किया।
हंसलाल सब्जी का कारोबार करते थे, जबकि उनके पिता परमहंस गुप्ता ई-रिक्शा चलाते थे। परिवार का दावा है कि इसी सहयोग और मेहनत के बाद प्रतिभा का बिहार पुलिस में महिला सिपाही के पद पर चयन हुआ।
मनसाही थाना में पोस्टिंग मिलने के बाद परिवार बेहद खुश था। लेकिन पति का आरोप है कि नौकरी लगने के बाद धीरे-धीरे पत्नी के व्यवहार और रिश्ते में बदलाव आने लगा।
राहुल शर्मा को लेकर पति ने लगाए गंभीर आरोप
हंसलाल का आरोप है कि इसी दौरान प्रतिभा की राहुल शर्मा नाम के युवक से कथित नजदीकी बढ़ी। उनके अनुसार राहुल महेशखूंट का रहने वाला है।
पति का दावा है कि जब उन्होंने दोनों के बीच बढ़ती कथित नजदीकी को लेकर सवाल किया तो प्रतिभा ने राहुल को अपना भाई बताया।
हालांकि, हंसलाल इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हुए। उनका आरोप है कि मोबाइल फोन में मौजूद कथित तस्वीरों और चैट ने उनके संदेह को और बढ़ा दिया। हंसलाल ने कुछ कथित आपत्तिजनक तस्वीरें मिलने का भी दावा किया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि ये सभी आरोप पति की ओर से लगाए गए हैं। इन तस्वीरों, चैट या कथित संबंधों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
‘बहू को पढ़ाया, पुलिस में लगी तो सपना पूरा हुआ’—ससुर
विवाद के बीच प्रतिभा के ससुर परमहंस गुप्ता की भावुक कहानी भी सामने आई है।
परमहंस गुप्ता का कहना है कि कभी उनका खुद पुलिस की वर्दी पहनने का सपना था, लेकिन आर्थिक और पारिवारिक परिस्थितियों के कारण वह सपना पूरा नहीं हो सका। उन्होंने बहू की पढ़ाई में सहयोग किया और जब प्रतिभा का चयन बिहार पुलिस में हुआ तो उन्हें लगा कि उनका अधूरा सपना बहू के जरिए पूरा हो गया।
लेकिन अब वही ससुर अपने बेटे की शादी बचाने और पारिवारिक विवाद खत्म कराने के लिए पुलिस अधिकारियों के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं।
एसपी कार्यालय पहुंचा पति, अब काउंसलिंग से खुलेगा विवाद का रास्ता
हंसलाल ने कटिहार एसपी परिचय कुमार को आवेदन देकर अपनी पत्नी से मिलाने और मामले में मदद की गुहार लगाई है।
एसपी ने मामले को मुख्य रूप से निजी पारिवारिक विवाद बताते हुए महिला थाना के माध्यम से काउंसलिंग कराने का आश्वासन दिया है।
अब सवाल यह है कि पति-पत्नी के बीच बढ़ी दूरी की असली वजह क्या है? क्या नौकरी के बाद सचमुच रिश्ते में बदलाव आया, जैसा कि पति आरोप लगा रहा है? राहुल शर्मा को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है? और क्या काउंसलिंग के जरिए यह रिश्ता फिर संभल पाएगा?
इन सभी सवालों का जवाब संबंधित पक्षों के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और आगे होने वाली जांच/काउंसलिंग के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल मामला पति के आरोपों और पारिवारिक विवाद तक सीमित है।
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