मोतिहारी: बिहार में शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ाने वाला एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे को पूरी तरह शर्मसार कर दिया है। पूर्वी चंपारण जिले में शराब तस्करों की काली कमाई, रसूख और पुलिस के साथ उनकी गंदी साठगांठ का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। जिस थाने की पुलिस का काम शराब माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजना है, उसी थाने के दारोगा और थानाध्यक्ष एक नामजद कुख्यात शराब तस्कर की जन्मदिन की पार्टी में उसे अपने हाथों से केक खिलाते पाए गए हैं।
इस शर्मनाक करतूत की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मोतिहारी पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने त्वरित और सख्त एक्शन लेते हुए पीपरा थानाध्यक्ष सतीश कुमार और दारोगा विपिन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
केक खिलाते तस्वीर वायरल, खाकी पर उठे गंभीर सवाल
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही बर्थडे सेलिब्रेशन की इस तस्वीर में पीपरा थानाध्यक्ष सतीश कुमार और दारोगा विपिन कुमार बड़े ही आत्मीय अंदाज में कुख्यात शराब तस्कर बिट्टू कुमार का जन्मदिन मनाते और उसे केक खिलाते दिख रहे हैं। खाकी और खादी के संरक्षण में फल-फूल रहे शराब तस्करों के साथ पुलिस अफसरों की इस जुगलबंदी ने पूरे पुलिस-प्रशासनिक तंत्र की साख पर गहरा बट्टा लगा दिया है।
गोपालगंज से लेकर पीपरा तक दर्ज हैं शराब तस्करी के केस
मामले का खुलासा होने पर जब तस्कर की कुंडली खंगाली गई तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। आरोपी शराब तस्कर बिट्टू कुमार (पिता- दिनेश कुमार मिश्रा), पीपरा थाना क्षेत्र का ही निवासी है। उस पर वर्ष 2020 में गोपालगंज जिला उत्पाद थाना कांड संख्या 167/20 दर्ज है, जबकि पूर्वी चंपारण जिले के पीपरा थाना में ही उसके खिलाफ कांड संख्या 304/24 दर्ज है। ऐसे संगीन और नामजद आरोपी के साथ पुलिस अधिकारियों का यह दोस्ताना रवैया जिले भर में चर्चा और थू-थू का विषय बना हुआ है।
आचरण के खिलाफ काम पर गिली गाज, जांच के बाद होगी विभागीय कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने वायरल तस्वीर की सत्यता की पुष्टि होते ही दोनों पुलिस अफसरों को सस्पेंड कर दिया। एसपी के अनुसार, एक नामजद शराब तस्कर की बर्थडे पार्टी में शामिल होना और उसे केक खिलाना पुलिस आचरण के पूरी तरह प्रतिकूल है। यह कृत्य उनके संदिग्ध आचरण और अनुशासनहीनता को दर्शाता है।
एसपी ने स्पष्ट किया है कि निलंबन के बाद अब पूरे मामले की गहन विभागीय जांच (Departmental Inquiry) कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोनों दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त विभागीय कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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