शेखपुरा: जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले के बाद बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इसी सिलसिले में लोकलेखा समिति के सभापति एवं राजद नेता भाई वीरेंद्र जमुई से लौटने के बाद शेखपुरा पहुंचे। शेखपुरा सर्किट हाउस पहुंचने पर राजद के पूर्व विधायक विजय सम्राट समेत पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
इस दौरान युवा राजद जिलाध्यक्ष आलोक राज, राजेंद्र यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। बाद में भाई वीरेंद्र ने संवाददाता सम्मेलन में कानून-व्यवस्था, जमुई की घटना, जाति के आधार पर कार्रवाई के आरोप और SIR (Special Intensive Revision) को लेकर अपनी बात रखी।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
भाई वीरेंद्र ने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जमुई की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में लड़कियों और छात्राओं से जुड़ी घटनाएं सामने आ रही हैं और पुलिस की कार्रवाई में समानता होनी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि यदि घटनाओं की प्रकृति समान है तो कार्रवाई के तरीके में अंतर क्यों होना चाहिए। हालांकि, पुलिस और सरकार की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग आधिकारिक पक्षों को भी देखा जाना जरूरी है।
‘अपराधी की कोई जाति नहीं होती’
योजना विभाग के मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा के यादव समाज को लेकर दिए गए कथित बयान पर भी भाई वीरेंद्र ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अपराधी की कोई जाति नहीं होती और किसी अपराधी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि किसी विशेष जाति को निशाना बनाना उचित नहीं है और कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए।
SIR को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
भाई वीरेंद्र ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि SIR के नाम पर बिहार और पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं और इससे लोगों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है।
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी की। उनके बयान के मुताबिक, विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग से जवाब मांग रहे हैं।
हालांकि, SIR को लेकर राजनीतिक आरोपों के बीच सरकार ने अवैध तरीके से पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावों को खारिज किया है।
EVM को लेकर भी लगाए आरोप
भाई वीरेंद्र ने EVM और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए तकनीकी स्तर पर छेड़छाड़ की जा सकती है और इस मामले में सरकार से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में दिल्ली तक आंदोलन करने की बात भी कही।
इन आरोपों को राजद नेता का दावा मानकर देखा जाना चाहिए; इनके समर्थन में इस रिपोर्ट में कोई स्वतंत्र तकनीकी या आधिकारिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है।

जमुई मामले पर पहले भी दे चुके हैं बयान
जमुई की घटना को लेकर भाई वीरेंद्र इससे पहले भी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर चुके हैं। 22 सितंबर की रिपोर्टों में उनके द्वारा आरोपियों के एनकाउंटर की मांग किए जाने का उल्लेख है।
SIR को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों ने 26 सितंबर को बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर स्पष्टीकरण जारी किया था। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
ये खबर भी पढ़े: बिहार में सुरक्षित नहीं बेटियां? मुजफ्फरपुर में किशोरी से छेड़खानी का CCTV वायरल!
