सुपौल: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव शनिवार देर शाम सुपौल के बाढ़ प्रभावित किशनपुर प्रखंड के विभिन्न इलाकों में पहुंचे। उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और आर्थिक मदद भी की। इस दौरान उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति, महिलाओं की सुरक्षा और विपक्ष की भूमिका को लेकर केंद्र एवं राज्य सरकार पर निशाना साधा।
सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर भी बेहद तीखी टिप्पणी की। उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर लोकतंत्र और संविधान को नुकसान पहुंचाने तथा गरीब और कमजोर वर्गों के मताधिकार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए। पप्पू यादव ने उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई की मांग की। उन्होंने अपने बयान में मृत्युदंड की मांग भी की। उनकी इन टिप्पणियों की स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग हुई है।
SIR और वोट चोरी के आरोपों का मुद्दा उठाया
पप्पू यादव ने मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि गरीब, कमजोर, दलित और वंचित वर्ग के लोगों के वोट के अधिकार को प्रभावित किए जाने की शिकायतों की जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के आरोपों का भी समर्थन किया। हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों के दावों और जवाबों के बीच राजनीतिक विवाद जारी है। निर्वाचन आयोग से जुड़े SIR को लेकर हाल में आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया पर भी सवाल उठने की खबरें सामने आई हैं।
‘बिहार में बेटियां सुरक्षित नहीं’ का मुद्दा उठाया
बिहार में लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ अपराध के सवाल पर भी सांसद ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल हैं। पप्पू यादव ने छेड़खानी और अन्य अपराधों के साथ-साथ नशे के बढ़ते इस्तेमाल का दावा करते हुए स्कूल, कोचिंग, होटल, सड़क और शेल्टर होम जैसे स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
उन्होंने सरकार से महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
बाढ़ को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना
किशनपुर में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात के दौरान पप्पू यादव ने कोसी और सीमांचल में लंबे समय से चली आ रही बाढ़ की समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दशकों से बाढ़ नियंत्रण के नाम पर बड़ी रकम खर्च होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
सांसद ने दावा किया कि सुपौल जिले में बड़ी संख्या में परिवार बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और कई घरों को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बाढ़ राहत और फ्लड फाइटिंग कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।
पप्पू यादव ने कहा कि हर साल बाढ़ के दौरान लोगों के घर, जमीन और मवेशियों को नुकसान पहुंचता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित काम नहीं हुआ है। उन्होंने कोसी क्षेत्र में काम कर रहे ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए और कथित अनियमितताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात कही। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।
विपक्ष पर भी साधा निशाना
पप्पू यादव ने बाढ़ के मुद्दे पर विपक्षी दलों की सक्रियता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच रहे हैं। अपने बयान में उन्होंने विपक्षी नेताओं पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि वे दूसरे मुद्दों में व्यस्त हैं।
सांसद ने कहा कि कोसी और सीमांचल के लोगों की समस्याओं को राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर गंभीरता से उठाने की जरूरत है।
आर्थिक मदद भी बांटी
किशनपुर दौरे के दौरान पप्पू यादव ने बाढ़ पीड़ित परिवारों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता भी दी। सांसद ने स्थानीय लोगों से बाढ़ से हुए नुकसान, राहत व्यवस्था और प्रशासन की ओर से मिल रही मदद के बारे में जानकारी ली।
पप्पू यादव ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत के साथ-साथ भविष्य के लिए स्थायी समाधान की जरूरत है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से कोसी क्षेत्र की बाढ़ समस्या को प्राथमिकता के आधार पर लेने की मांग की।
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