समस्तीपुर: सरकारी आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर कथित पैसे मांगने के आरोप ने विभूतिपुर की भुसवर पंचायत में आयोजित आम सभा को अचानक हंगामे के अखाड़े में बदल दिया। लाभार्थियों ने आवास सहायक शंभू पंडित पर पैसे मांगने और लेने के गंभीर आरोप लगाए। देखते ही देखते सभा में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और मामला इतना बढ़ा कि पुलिस को मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप करना पड़ा।
पंचायत सरकार भवन में चल रही आम सभा के दौरान गंगा देवी ने आरोप लगाया कि आवास योजना में नाम जोड़ने के लिए उनसे 1,500 रुपये की मांग की गई। वहीं मनीषा देवी ने 1,000 रुपये लेने का आरोप लगाया। बताया गया कि पंचायत में आवास योजना के तहत करीब 1,200 लाभार्थियों के नाम सूची में शामिल किए गए हैं। इनमें पांच लोगों ने आवास सहायक पर नाम जोड़ने के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया।
आरोपों से भड़का गुस्सा, चप्पल से मारपीट की कोशिश!
पैसे के आरोपों को लेकर सभा में माहौल लगातार गर्म होता गया। बात इतनी बढ़ गई कि गंगा देवी द्वारा आवास सहायक के साथ चप्पल से मारपीट का प्रयास किए जाने की बात सामने आई। अचानक बिगड़े माहौल से आम सभा में अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मुखिया रंजीत कुमार महतो ने बीच-बचाव किया और तत्काल विभूतिपुर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम के पहुंचते ही स्थिति को संभाला गया और आवास सहायक शंभू पंडित को अपने साथ थाने ले जाया गया।
हंगामे ने रोकी आम सभा, अब जांच पर टिकी नजर
घटना के बाद आम सभा को स्थगित कर दिया गया। सभा में ग्राम सचिव हरिहर प्रसाद यादव, मुखिया रंजीत कुमार महतो, पंचायत समिति सदस्य निरंजन कुमार समेत सभी वार्ड सदस्य मौजूद थे।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आवास योजना में नाम जोड़ने के नाम पर वास्तव में पैसे की मांग या लेनदेन हुआ था या नहीं। फिलहाल लाभार्थियों की ओर से लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
सरकारी आवास जैसी महत्वपूर्ण योजना से जुड़े मामले में आम सभा के बीच इस तरह का हंगामा होने से पंचायत स्तर पर योजना के क्रियान्वयन और पारदर्शिता को लेकर सवाल जरूर खड़े हो गए हैं। जांच के बाद ही तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और जिम्मेदारी किसकी बनती है।
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