गया: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के गया आगमन के दौरान बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपनी मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया। मुख्यमंत्री पितृपक्ष मेला के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने गया पहुंचे थे। विष्णुपद मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद जब मुख्यमंत्री का काफिला गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी की ओर जा रहा था, उसी दौरान सड़क किनारे खड़े अभ्यर्थियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।
अभ्यर्थियों ने बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में रिक्त रह जाने वाली सीटों पर योग्य अभ्यर्थियों की बहाली किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान उनके हाथों में मौजूद तख्तियों पर ‘बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में DET पास सभी पुरुष अभ्यर्थियों की यही पुकार, खाली न जाए सीट इस बार’ जैसे नारे लिखे थे। एक अन्य तख्ती पर ‘महिला अभ्यर्थियों से नहीं तो पुरुष अभ्यर्थियों से सीट भरो’ की मांग लिखी थी।
काफिला गुजरते ही तख्तियां दिखाकर ध्यान खींचने की कोशिश
अभ्यर्थियों का कहना था कि वे लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में सीटें खाली नहीं रखने और योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने की मांग उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री का काफिला जैसे ही संबंधित रास्ते से गुजर रहा था, अभ्यर्थियों ने सड़क किनारे खड़े होकर तख्तियां ऊपर उठाईं और अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की।
अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री और सरकार का ध्यान भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अपने मुद्दे की ओर आकर्षित करना था। उनके मुताबिक, यदि निर्धारित पदों में सीटें रिक्त रह जाती हैं तो पात्र अभ्यर्थियों के लिए अवसर कम हो जाएगा। इसी वजह से उन्होंने रिक्त पदों को भरने की मांग को प्रमुखता से उठाया।
4,361 पदों वाली भर्ती में सीटें खाली नहीं रखने की मांग
यह मामला बिहार पुलिस ड्राइवर कांस्टेबल भर्ती के विज्ञापन संख्या 02/2025 से जुड़ा है। इस भर्ती के तहत कुल 4,361 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। भर्ती प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा और ड्राइविंग दक्षता से जुड़े चरण शामिल हैं। उपलब्ध भर्ती जानकारी के अनुसार, 4,361 पदों वाली इस भर्ती का लिखित परीक्षा चरण दिसंबर 2025 में हुआ था और इसके बाद चयन प्रक्रिया आगे बढ़ी।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान यदि किसी श्रेणी में निर्धारित सीटें रिक्त रह जाती हैं तो योग्य अभ्यर्थियों को उन सीटों पर अवसर देने पर विचार किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर अभ्यर्थी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखने पहुंचे थे।
‘खाली न जाए सीट’ की मांग बनी प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान सबसे प्रमुख संदेश ‘खाली न जाए सीट इस बार’ रहा। अभ्यर्थियों ने इसी संदेश को तख्तियों पर लिखकर मुख्यमंत्री के काफिले के सामने प्रदर्शित किया।
एक तख्ती पर DET पास पुरुष अभ्यर्थियों को अवसर देने की मांग की गई थी, जबकि दूसरी तख्ती में महिला अभ्यर्थियों से सीट नहीं भरने की स्थिति में पुरुष अभ्यर्थियों को अवसर देने की मांग उठाई गई। इस तरह अभ्यर्थियों ने भर्ती में उपलब्ध पदों को अधिकतम स्तर तक भरने की मांग सामने रखी।
सुरक्षा कर्मियों ने अभ्यर्थियों को सड़क से हटाया
मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों ने अभ्यर्थियों को सड़क से हटाया और रास्ता खाली कराया। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला निर्धारित कार्यक्रम की ओर रवाना हुआ।
घटना के दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी तख्तियां और बैनर दिखाकर अपनी मांग दर्ज कराई। प्रदर्शन के बाद भर्ती प्रक्रिया में सीटों को लेकर अभ्यर्थियों की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
लंबे समय से अवसर की मांग कर रहे अभ्यर्थी
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न चरणों में शामिल हो चुके हैं और अब रिक्त पदों को लेकर सरकार से निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं। उनका तर्क है कि यदि निर्धारित संख्या में पद उपलब्ध हैं और योग्य अभ्यर्थी चयन प्रक्रिया में मौजूद हैं तो सीटें खाली नहीं रहनी चाहिए।
अभ्यर्थियों ने सरकार से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और रिक्त पदों के संबंध में स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि इस संबंध में स्पष्ट स्थिति सामने आने से अभ्यर्थियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति भी दूर होगी।
भर्ती प्रक्रिया में आगे बढ़ चुके हैं अभ्यर्थी
बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती के विज्ञापन संख्या 02/2025 के तहत 4,361 पदों के लिए चयन प्रक्रिया शुरू की गई थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार लिखित परीक्षा के बाद बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अगले चरणों के लिए चयनित किया गया था। इसके बाद शारीरिक दक्षता परीक्षा और ड्राइविंग दक्षता परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
ऐसे में गया में मुख्यमंत्री के काफिले के सामने अभ्यर्थियों द्वारा तख्तियां दिखाने की घटना ने भर्ती प्रक्रिया के अंतिम चरण में सीटों को लेकर उनकी मांग को सामने ला दिया है। अब अभ्यर्थियों की नजर सरकार और संबंधित भर्ती बोर्ड की ओर से इस मुद्दे पर आने वाले निर्णय पर है।
फिलहाल अभ्यर्थियों की मुख्य मांग यही है कि बिहार पुलिस ड्राइवर भर्ती में उपलब्ध सीटें खाली न रहें और भर्ती नियमों के तहत पात्र अभ्यर्थियों को अधिकतम संभव अवसर मिले।
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