पटना: जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक तैयारियां तेज करने की बात कही है। पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के मुताबिक, संगठन विस्तार के साथ विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, JDU करीब 40 सीटों पर चुनावी तैयारी कर रही है और फिलहाल BJP के साथ गठबंधन के बजाय अलग चुनाव लड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
पार्टी की ओर से बताया गया है कि दुर्गा पूजा के बाद 25 अक्टूबर को वाराणसी में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम से यूपी में JDU के चुनावी अभियान की शुरुआत किए जाने की तैयारी है। इसमें पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय झा के साथ निशांत कुमार के भी शामिल होने की बात कही गई है।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी
उत्तर प्रदेश JDU अध्यक्ष अनूप सिंह पटेल के अनुसार, पार्टी का फिलहाल मुख्य फोकस संगठन को बूथ स्तर से प्रदेश स्तर तक मजबूत करने पर है। इसके लिए नए कार्यकर्ताओं और खासकर युवाओं को संगठन से जोड़ने की कवायद की जा रही है।
पार्टी के प्रदेश प्रभारी और बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार भी यूपी के अलग-अलग जिलों का दौरा कर संगठन की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे हैं। आने वाले समय में बलिया, भदोही समेत कई जिलों में कार्यक्रम प्रस्तावित बताए गए हैं।
सम्मेलन के बाद मांगा जाएगा नेताओं का बायोडाटा
JDU की प्रदेश इकाई के मुताबिक, अभी उम्मीदवारों के चयन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। वाराणसी कार्यक्रम के बाद विधानसभा क्षेत्रवार संभावित उम्मीदवारों और पार्टी नेताओं का बायोडाटा मांगे जाने की बात कही गई है। इसके आधार पर उम्मीदवारों को लेकर आगे निर्णय लेने की प्रक्रिया शुरू होगी।
यूपी में JDU का पिछला चुनावी प्रदर्शन
निर्वाचन आयोग के उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में JDU का विधानसभा चुनावी प्रदर्शन अब तक सीमित रहा है। 2007 में पार्टी ने 16 सीटों पर चुनाव लड़ा था और एक सीट जीती थी। 2012 में JDU ने 219 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन कोई सीट नहीं जीत सकी। 2017 में पार्टी ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। 2022 में JDU ने 27 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और किसी सीट पर जीत दर्ज नहीं कर सकी।
2022 में JDU और BJP के बीच सीटों को लेकर सहमति नहीं बनने के बाद पार्टी के अलग चुनाव लड़ने की बात सामने आई थी। आगामी चुनाव में पार्टी एक बार फिर यूपी में अपना संगठन और चुनावी आधार मजबूत करने पर जोर दे रही है।
कुर्मी-पटेल वोट पर भी नजर
JDU की यूपी रणनीति में कुर्मी-पटेल समुदाय को भी महत्वपूर्ण सामाजिक आधार के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, राज्य में इस समुदाय की आबादी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक अध्ययनों में अलग-अलग अनुमान मिलते हैं। ऐसे आंकड़ों को आधिकारिक जनगणना आंकड़ा नहीं माना जा सकता।
फिलहाल JDU का जोर संगठन विस्तार, जिलावार दौरे और आगामी सम्मेलन के जरिए चुनावी गतिविधियों को गति देने पर है। सीटों और उम्मीदवारों को लेकर अंतिम फैसला पार्टी की आगे की रणनीति और संगठनात्मक समीक्षा के बाद होने की बात कही जा रही है।
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