पटना: पाटलिपुत्र खेल परिसर में बुधवार को दौड़ते कदमों, उड़ती छलांगों और दमदार थ्रो के बीच बिहार के युवा एथलीटों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा खेल परिसर पदकों की चमक से जगमगा उठा। 37वीं ईस्ट जोन जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 के दूसरे दिन बिहार के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी।
बिहार के खिलाड़ियों ने 100 मीटर से लेकर 5000 मीटर रेस वॉक, जेवलिन थ्रो, डिस्कस थ्रो, शॉटपुट, लॉन्ग जंप, हर्डल्स और रिले तक अपनी प्रतिभा का दम दिखाया। खास तौर पर अंडर-20 बालक 4×100 मीटर रिले में बिहार की टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर प्रतियोगिता में अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया।
किसी ने दौड़ में पछाड़ा, किसी ने आसमान छुआ
बिहार के लिए प्रिंस कुमार ने अंडर-20 बालक 100 मीटर में स्वर्ण, आदित्य चौहान ने अंडर-16 शॉटपुट में स्वर्ण, देव राज ने अंडर-18 डिस्कस थ्रो में स्वर्ण, आयुष राज ने अंडर-18 जेवलिन थ्रो में स्वर्ण और सुनीता कुमारी ने अंडर-20 बालिका 5000 मीटर रेस वॉक में स्वर्ण हासिल किया। वहीं सौरभ कुमार ने अंडर-20 बालक 5000 मीटर रेस वॉक में स्वर्ण जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
रवि कुमार और विनय कुमार यादव ने अंडर-20 बालक पोल वॉल्ट में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान हासिल किया। रेस वॉक में बिहार के खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी शानदार रहा। तनु कुमारी और ऋचा कुमारी ने अंडर-18 बालिका 3000 मीटर रेस वॉक में क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीते, जबकि आलोक कुमार ने अंडर-18 बालक 5000 मीटर रेस वॉक में रजत पदक हासिल किया।
रिले में दिखी टीम भावना
प्रतियोगिता के दूसरे दिन का एक खास आकर्षण अंडर-20 बालक 4×100 मीटर रिले रहा, जहां बिहार की टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर दर्शकों की तालियां बटोरीं। अंडर-20 बालिका 4×100 मीटर रिले में बिहार ने कांस्य पदक हासिल किया।
युवाओं के प्रदर्शन से उत्साहित खेल जगत
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण और बिहार एथलेटिक्स संघ के सचिव लियाकत अली ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रतियोगिताएं राज्य के युवा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए तैयार करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं।
तकनीकी चेयरमैन एम. ई. शम्शी के अनुसार प्रतियोगिता में देश के पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। करीब 80 तकनीकी पदाधिकारी प्रतियोगिता के विभिन्न इवेंट्स के संचालन में जुटे हैं।
24 सितंबर को प्रतियोगिता का अंतिम दिन है, ऐसे में अब निगाहें उन मुकाबलों पर हैं जहां बिहार के युवा एथलीट एक बार फिर ट्रैक और फील्ड पर अपना दम दिखाने उतरेंगे।
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