सहरसा: सौर बाजार थाना क्षेत्र में मक्का और अन्य कृषि उपज की खरीद के नाम पर किसानों और छोटे कारोबारियों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दर्जनों पीड़ितों ने सोमवार को कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी को प्रतिवेदन सौंपकर मामले की जांच स्थानीय पुलिस से हटाकर वरीय अधिकारी की निगरानी में SIT से कराने की मांग की है।
पीड़ितों ने अपने प्रतिवेदन में सौर बाजार स्थित परी ट्रेडर्स के संचालक आशुतोष गुप्ता उर्फ वैष्णवी, अमितोष गुप्ता उर्फ बिट्टू गुप्ता और गोपाल प्रसाद गुप्ता पर मक्का समेत अन्य कृषि उपज खरीदने के बाद भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया है। पीड़ितों के अनुसार, इस संबंध में सौर बाजार थाने में कांड संख्या 155/26 और 159/26 दर्ज हैं।
जांच को लेकर उठाए 28 सवाल
पीड़ितों ने पुलिस की अब तक की जांच को लेकर 28 सवाल उठाते हुए मामले में कई बिंदुओं की गहन जांच की मांग की है। प्रतिवेदन में मुख्य आरोपी से रिमांड पर पूछताछ कराने, मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड की फॉरेंसिक जांच कराने तथा मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगालने की मांग की गई है।
इसके अलावा आरोपियों के बैंक खातों, कथित वित्तीय लेनदेन और कृषि उपज की खरीद-बिक्री से जुड़े आर्थिक लेनदेन की भी जांच कराने की मांग की गई है। प्रतिवेदन में गुजरात की एक मिल से एक करोड़ रुपये से अधिक के कथित लेनदेन का भी उल्लेख किया गया है। इन वित्तीय लेनदेन से जुड़े आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
समयबद्ध जांच और गिरफ्तारी की मांग
पीड़ित किसानों और कारोबारियों ने मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी तथा पूरे प्रकरण की समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच किसी वरीय अधिकारी की निगरानी में SIT से कराई जाए, ताकि सभी वित्तीय और तकनीकी पहलुओं की जांच हो सके।
पीड़ितों ने प्रतिवेदन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, डीजीपी और एडीजी को भी भेजी है। उन्होंने जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
ये खबर भी पढ़े: सहरसा में छात्रा की मौत मामले में डीआईजी से न्याय की गुहार, परिजनों ने सौंपा ज्ञापन!
सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट…