शेखपुरा: शेखपुरा की सियासत में एक ऐसा नाम, जिसे आज भी राजनीतिक इतिहास के पन्नों में खास जगह हासिल है—स्वर्गीय राजो बाबू। बुधवार को उनकी 21वीं पुण्यतिथि पर स्टेशन रोड स्थित आजाद हिंद आश्रम एक बार फिर उनकी यादों का गवाह बना। श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न राजनीतिक धाराओं से जुड़े लोग भी पहुंचे और राजो बाबू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राजो सिंह का निधन 9 सितंबर 2005 को आजाद हिंद आश्रम में हुई गोलीबारी की घटना में हुआ था। इस घटना में उनके साथ मौजूद सरकारी कर्मी श्याम किशोर सिंह की भी मौत हुई थी।

‘राजो बाबू’ के नाम पर फिर एकजुट दिखा शेखपुरा
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आनंदी कुमार ने की। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राम कृष्ण सिंह उर्फ नेताजी, गोवर्धन सिंह, गंगा यादव, उचित यादव, श्रवण सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष शिव शंकर महतो, सत्यजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता पहुंचे।
सभी ने राजो बाबू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक योगदान को याद किया। कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा के साथ-साथ उस राजनीतिक विरासत की चर्चा से भी जुड़ा रहा, जिसे राजो बाबू अपने पीछे छोड़ गए।

त्याग, सेवा और समर्पण को किया याद
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक सुदर्शन कुमार और विजय सम्राट ने राजो बाबू के जीवन और उनके सार्वजनिक योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उनका जीवन त्याग, सेवा और समर्पण का प्रतीक था। शेखपुरा के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
जितेंद्र नाथ पटेल ने कहा कि राजो बाबू के बताए मार्ग और उनके विचारों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका राजनीतिक प्रभाव केवल एक दल तक सीमित नहीं था। अतीत में भी उनकी पुण्यतिथि और जयंती के कार्यक्रमों में अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग एक साथ श्रद्धांजलि देते रहे हैं।

शेखपुरा के राजनीतिक सफर से जुड़ा रहा नाम
राजो बाबू का राजनीतिक सफर काफी लंबा रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने पंचायत स्तर से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और बाद में विधायक तथा सांसद बने। उन्हें शेखपुरा के विकास और जिले के निर्माण की राजनीतिक मुहिम से जोड़कर भी याद किया जाता है।
यही वजह है कि उनकी पुण्यतिथि पर हर वर्ष आजाद हिंद आश्रम में होने वाला कार्यक्रम सिर्फ श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि शेखपुरा के पुराने राजनीतिक दौर और राजो बाबू की भूमिका की चर्चा भी छेड़ देता है।
विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम में युवा कांग्रेस नेता राहुल कुमार ने राजो बाबू के विचारों और उनके सामाजिक सरोकारों को लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनके बताए सिद्धांतों और जनसेवा की भावना को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति वास्तविक सम्मान होगा।
इस अवसर पर दीपक कुमार, संजय सिंह, प्रमोद यादव, अमीर मंडल, प्रिंस कुमार, पिंटू कुमार, प्रेम गुप्ता, अजय कुमार मंटू, मुश्ताक खान, प्रो. रमाकांत सिंह, उमाकांत सिंह, सूरज सिंह, मुन्ना सिंह, इरशाद अंसारी, सेवा दल के लखन महतो समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दो मिनट का मौन, फिर भावुक हुआ माहौल
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर राजो बाबू की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। श्रद्धांजलि सभा का समापन उनके विचारों और सामाजिक योगदान को याद करते हुए हुआ।
आजाद हिंद आश्रम में हर साल होने वाला यह आयोजन यह बताता है कि समय बीतने के बावजूद राजो बाबू का नाम शेखपुरा की राजनीतिक स्मृतियों में अब भी कायम है। उनकी पुण्यतिथि पर एक बार फिर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान को याद कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
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