मुजफ्फरपुर: एटीएम कक्ष में मदद के बहाने ग्राहकों को अपने जाल में फंसाकर खाते से रुपये उड़ाने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। अहियापुर थाना पुलिस ने गिरोह के कथित मास्टरमाइंड सन्नी बाबा उर्फ ऋषव को गिरफ्तार किया है। उसके पास से अलग-अलग बैंकों के 74 एटीएम कार्ड और पांच ब्लैक कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य एटीएम मशीन में कार्ड फंसाकर ग्राहकों को निशाना बनाते थे।
पुलिस का दावा है कि गिरोह मुजफ्फरपुर समेत आसपास के जिलों में बड़ी संख्या में ठगी की घटनाओं को अंजाम दे चुका है। विभिन्न थानों में गिरोह से जुड़े दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस अब बरामद कार्डों के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन खाताधारकों को निशाना बनाया गया।
इंदिरा नर्सिंग होम के पीछे किराये के मकान में छापा
नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विनीता सिन्हा के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि अहियापुर इलाके में एटीएम कार्ड बदलकर ग्राहकों से ठगी करने वाला गिरोह सक्रिय है। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम का गठन कर निगरानी और छापेमारी शुरू की गई।
गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बड़ा जगन्नाथ स्थित इंदिरा नर्सिंग होम के पीछे एक किराये के मकान में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान सन्नी बाबा उर्फ ऋषव को गिरफ्तार किया गया। तलाशी में अलग-अलग बैंकों के 69 एटीएम कार्ड और पांच ब्लैक कार्ड मिले। पुलिस के अनुसार, बाद की कार्रवाई में बरामद कार्डों की संख्या 74 बताई गई है।
एटीएम में कार्ड फंसाकर बनाते थे शिकार
पुलिस पूछताछ में गिरोह के ठगी करने के तरीके की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य एटीएम के आसपास ग्राहक की तलाश में रहते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति रुपये निकालने पहुंचता, गिरोह का सदस्य मदद करने के बहाने उसके पास पहुंच जाता।
आरोप है कि शातिर किसी तकनीक या जुगाड़ के जरिए ग्राहक का कार्ड मशीन में फंसा देते थे। इसके बाद ग्राहक को यह विश्वास दिलाया जाता था कि कार्ड मशीन में फंस गया है और बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र से संपर्क करने पर ही वह बाहर निकलेगा।
पुलिस के अनुसार, ग्राहक के वहां से चले जाने के बाद गिरोह के सदस्य मशीन से कार्ड निकाल लेते थे। इसके बाद कथित तौर पर बरामद ब्लैक कार्ड का इस्तेमाल कर क्लोन कार्ड तैयार करने और खाते से रुपये निकालने की कोशिश की जाती थी।
गिरोह में कई युवक, 15 अन्य सदस्यों के नाम सामने आने का दावा
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान गिरोह के करीब 15 अन्य सदस्यों के नाम सामने आए हैं। पुलिस सभी नामों का सत्यापन कर रही है। संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का नेटवर्क केवल मुजफ्फरपुर तक सीमित नहीं था। आसपास के जिलों में भी एटीएम से जुड़ी ठगी की घटनाओं में इसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।
100 से अधिक वारदातों का पुलिस को शक
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में गिरोह के 100 से अधिक ठगी की घटनाओं में शामिल होने की आशंका है। अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों को इस गिरोह से जोड़कर देखा जा रहा है। बरामद एटीएम कार्डों का सत्यापन कराया जा रहा है, जिससे पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ने में मदद मिल सकती है।
मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों, ठगी से जुड़े खातों और कथित क्लोन कार्ड के इस्तेमाल की जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ और बरामद सामान की जांच के बाद एटीएम ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और मामले सामने आ सकते हैं।
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