जमशेदपुर: झारखंड के चर्चित गैंगस्टर अखिलेश सिंह से जुड़े कथित आर्थिक साम्राज्य पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वित्तीय नेटवर्क की जांच के बीच ED ने हरियाणा के रोहतक स्थित एक बीयर फैक्ट्री के बॉटलिंग और पैकेजिंग प्लांट पर दबिश दी है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को आशंका है कि इस प्लांट के जरिए बड़े पैमाने पर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का संचालन किया गया। ED की टीम ने प्लांट से जुड़े अधिकारियों से लंबी पूछताछ की और कई अहम दस्तावेजों, बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और मोबाइल फोन को जांच के लिए जब्त किया है।
14 घंटे तक चली पूछताछ, खंगाले गए दस्तावेज
बताया जा रहा है कि ED अधिकारियों ने प्लांट के पदाधिकारी प्रवीण सिंह, समीर रजक और रवि जायसवाल से करीब 14 घंटे तक पूछताछ की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित आर्थिक लेनदेन का नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी।
150 करोड़ के कथित हवाला नेटवर्क की जांच
सूत्रों के अनुसार, ED को पिछले एक साल के दौरान करीब 150 करोड़ रुपये के कथित हवाला लेनदेन की आशंका है। एजेंसी इस पूरे मामले में पैसे के स्रोत, लेनदेन के रास्ते और जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
देहरादून हत्याकांड के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार
यह कार्रवाई देहरादून में हुए विक्रम शर्मा हत्याकांड के बाद इस नेटवर्क को लेकर ED की बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। जांच एजेंसी अब कथित आर्थिक कनेक्शन को हरियाणा से आगे पंजाब के लुधियाना और छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर कोल ब्लॉक क्षेत्र तक खंगाल रही है।
फिलहाल ED की जांच जारी है। एजेंसी का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की तस्वीर साफ हो पाएगी।
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