कैमूर: जिले के मोहनिया स्थित समेकित जांच चौकी पर एक बार फिर अवैध वसूली का मामला सामने आया है। वाहन चालकों से कथित तौर पर पैसे की उगाही कर रहे तीन सैप जवान और एक होमगार्ड जवान को पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद जांच चौकी की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कैमूर एसपी शिखर चौधरी के निर्देश पर यातायात डीएसपी और मोहनिया थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बीती रात जांच चौकी पर अचानक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 83,300 रुपये नगद और चार मोबाइल फोन बरामद किए।
गिरफ्तार जवानों में गंगासागर सिंह, बच्चू प्रसाद और मनीराम शर्मा (सैप जवान) तथा सुनील कुमार गुप्ता (होमगार्ड जवान) शामिल हैं। पुलिस के अनुसार सभी से पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की जांच जारी है।
एक महीने में दूसरी बड़ी कार्रवाई, फिर भी नहीं थमा खेल!
मोहनिया जांच चौकी पर अवैध वसूली को लेकर यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी पुलिस ने इसी चौकी पर छापेमारी कर चार सैप जवानों और पांच निजी सहायकों समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। एक महीने के अंदर अब तक कुल 15 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जांच चौकी पर 24 घंटे तीनों शिफ्टों में अधिकारियों की तैनाती रहती है, तो फिर कथित अवैध वसूली का यह खेल इतने समय तक कैसे चलता रहा?
डीएसपी ने क्या कहा?
मोहनिया डीएसपी गोपाल कृष्ण ने बताया कि जांच चौकी से चार लोगों को 83,300 रुपये के साथ गिरफ्तार किया गया है। मामले में पूछताछ जारी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वहीं लगातार हो रही कार्रवाई के बाद मोहनिया जांच चौकी की व्यवस्था और वहां तैनात कर्मियों की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
ये खबर भी पढ़े: Bihar: मुजफ्फरपुर में होटल में प्रेमी संग मिली छात्रा, परिजनों ने पकड़ा—हंगामा और मारपीट का वीडियो वायरल!