रांची/लोहरदगा: रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस प्रांत कार्यालय पर हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने तेज कर दी है। गुरुवार सुबह तड़के एनआईए की टीम ने लोहरदगा में जेल में बंद मुख्य आरोपी सैफ अंसारी और अमन अंसारी के घरों समेत कई संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
सुबह करीब 4 बजे शुरू हुई कार्रवाई कई घंटे तक चली। इस दौरान एनआईए की टीम ने घरों की गहन तलाशी ली और जांच के लिए कई डिजिटल उपकरण व दस्तावेज अपने कब्जे में लिए।
दरवाजा बंद मिला तो क्रेन से छत पर पहुंची NIA टीम
लोहरदगा में अमन अंसारी के घर पहुंची एनआईए टीम के सामने उस वक्त अलग स्थिति बन गई, जब मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज देने और प्रयास करने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला।
इसके बाद जांच एजेंसी ने क्रेन मंगवाई और क्रेन की मदद से टीम छत के रास्ते घर के अंदर दाखिल हुई। इसके बाद पूरे घर की तलाशी शुरू की गई।
मोबाइल, सिम और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त
एनआईए की कार्रवाई में कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध दस्तावेज मिलने की बात सामने आई है। इन्हें तकनीकी और फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमले की पूरी साजिश कैसे तैयार हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
NIA खंगाल रही फंडिंग का नेटवर्क
जांच का सबसे बड़ा सवाल है कि पेट्रोल बम हमले के लिए संसाधन कहां से जुटाए गए?
एनआईए यह पता कर रही है कि:
- हमले की तैयारी के लिए पैसा किसने उपलब्ध कराया?
- फंडिंग बैंक ट्रांसफर, डिजिटल माध्यम या किसी अन्य तरीके से हुई?
- क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या बाहरी कनेक्शन है?
16 जून को हुआ था आरएसएस कार्यालय पर हमला
बता दें कि रांची के निवारणपुर स्थित आरएसएस प्रांत कार्यालय पर 16 जून को पेट्रोल बम से हमला किया गया था। घटना के बाद पुलिस जांच शुरू हुई और मामला एनआईए को सौंपा गया।
अब एनआईए की कार्रवाई से जांच का दायरा बढ़ गया है। एजेंसी आरोपियों के संपर्क, डिजिटल रिकॉर्ड और संभावित नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।