रामगढ़: उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न औद्योगिक इकाइयों एवं संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे CSR कार्यों की समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी औद्योगिक प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने CSR प्लान को जिला प्रशासन से अनुमोदित कराएं, ताकि योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन उद्योगों ने अब तक CSR प्लान या फंड से संबंधित जानकारी नहीं दी है, वे इसे प्राथमिकता के आधार पर जल्द जमा करें।
उपायुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि जो औद्योगिक इकाइयां निर्धारित मानकों और नियमों का पालन नहीं कर रही हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर उनके लाइसेंस पर रोक भी लगाई जा सकती है।
बैठक में फैक्ट्री प्रबंधन को लेबर कोड के सभी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने और श्रम मानकों का नियमित आकलन कराने का निर्देश दिया गया। संबंधित विभागों को इसकी निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
इसके साथ ही जिले के सभी बैंकों को भी CSR के तहत अपनी वार्षिक कार्ययोजना तैयार कर जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया, ताकि शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, पेयजल और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में योजनाओं को लागू किया जा सके।
बैठक में CSR मद से चल रही लंबित योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को जल्द लाभ मिल सके।
उपायुक्त ने अंत में कहा कि CSR केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के समग्र विकास में उद्योगों की भागीदारी का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने सभी संस्थानों से जनहितकारी योजनाओं को प्राथमिकता के साथ लागू करने का आह्वान किया।
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