पटना: पटना साइंस कॉलेज एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। इस बार मामला वित्तीय अनियमितताओं और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है, जिसने पूरे कॉलेज प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आरोप है कि कॉलेज के एक कमरे में पर्दे लगाने पर करीब ₹70,000 का खर्च दिखाया गया, जिसे लेकर छात्रसंघ और छात्रों में नाराजगी है। छात्रों का कहना है कि इतना खर्च सामान्य काम के लिए “अत्यधिक और संदिग्ध” प्रतीत होता है।
विवाद सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। कॉलेज में कैंटीन टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि एक ही व्यक्ति को दो बार टेंडर जमा करने की अनुमति दी गई, जबकि पहले से कैंटीन संचालित थी। इससे पूरी टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ अध्यक्ष शांतनु शेखर ने इस मामले को लेकर कॉलेज प्रशासन से जवाब मांगा है। उन्होंने प्रिंसिपल से मुलाकात कर सभी खर्चों और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
छात्रसंघ का कहना है कि यदि सभी प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार हुई हैं तो प्रशासन को स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह का संदेह न रहे।
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है और छात्र संगठनों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान पटना साइंस कॉलेज में उठे इन सवालों ने उसकी कार्यप्रणाली और वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
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