जमशेदपुर: जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) में करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब यह केस सिर्फ पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक और कानूनी मोड़ भी ले चुका है।
मृतक के पिता अरविंद सिंह ने साफ कहा है कि उन्हें स्थानीय पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है। उन्होंने घोषणा की है कि वे जल्द ही झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दाखिल करेंगे और मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी CBI से कराने की मांग करेंगे।
उनका आरोप है कि उनका इकलौता बेटा पुलिस की मौजूदगी में मारा गया, इसलिए निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
हाईकोर्ट में PIL की तैयारी, CBI जांच की मांग
परिवार की ओर से अब कानूनी लड़ाई तेज कर दी गई है। पिता ने संकेत दिए हैं कि वे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और पूरे मामले की जांच CBI को सौंपने की मांग करेंगे। इस कदम के बाद मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है।
नेताओं की एंट्री से बढ़ा राजनीतिक दबाव
घटना के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। जमशेदपुर में मृतक के घर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी, विधायक भानु प्रताप शाही और अभय सिंह सहित कई बड़े नेता पहुंचे।
इस दौरान भाजपा नेताओं ने घटना को गंभीर बताते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की मांग की।
भाजपा का हमला और आंदोलन की चेतावनी
भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में कानून व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है। उनका आरोप है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिस की मौजूदगी में भी बड़ी वारदातें हो रही हैं।
पार्टी ने साफ चेतावनी दी है कि अगर पीड़ित परिवार को जल्द न्याय नहीं मिला तो पूरे झारखंड में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
पुलिस जांच: कई टीमें, कई राज्यों में छापेमारी
इधर पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। अब तक गिरफ्तार आरोपियों सोनू मंडल और राजलोहार को 72 घंटे की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया है।
पुलिस ने इनके बयान दर्ज किए हैं और पहले से जेल में बंद नाबालिग आरोपियों से भी पूछताछ की गई है। जांच में पुलिस का दावा है कि सभी आरोपियों के बयान लगभग समान हैं।
पुलिस के अनुसार, यह मामला किसी पुरानी रंजिश का नहीं बल्कि अचानक हुए विवाद के बाद भड़की हिंसा का परिणाम है।
फरार आरोपियों की तलाश तेज
मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल, नीरज सिंह, विजय कुमार, राहुल दुबे और अमित लोहार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और झारखंड में लगातार छापेमारी कर रही हैं।
मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि उसे दूसरे राज्यों की मदद से भी गिरफ्तार किया जा सके।
बार लाइसेंस पर विवाद
घटना से जुड़े डीडी डाउन बार के लाइसेंस को लेकर उठ रहे सवालों पर भाजपा नेताओं ने दावा किया कि जांच में बार का लाइसेंस वैध पाया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अनियमितता थी तो पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
घायल की हालत स्थिर
गोलीबारी की घटना में घायल प्रत्युष आनंद का इलाज कोलकाता के अपोलो अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है।
इस पूरे मामले ने जमशेदपुर से लेकर रांची तक सियासी और सामाजिक हलचल बढ़ा दी है, और अब निगाहें हाईकोर्ट और CBI जांच की संभावित एंट्री पर टिकी हैं।
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