चोरी-छुपे हरे-भरे विशालकाय पेड़ को नप ने कटवा डाला, कारण जानकर हैरत में पड़ जायेंगे आप?
शेखपुरा नगर परिषद ने एक हरा-भरा विशालकाय पेड़ काट दिया। यह पेड़ शहर के रामाधीन कॉलेज स्थित गोलंबर पर था। रात के अंधेरे में चोरी-छिपे इसे काटा गया, ताकि किसी को भनक न लगे। लेकिन पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। आश्चर्य की बात यह है कि नगर परिषद ने इसके लिए वन विभाग से अनुमति भी नहीं ली।

जल जीवन हरियाली योजना के तहत लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। सामाजिक संगठन भी पौधरोपण अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद शेखपुरा में नगर परिषद ने एक हरा-भरा विशालकाय पेड़ काट दिया। यह पेड़ शहर के रामाधीन कॉलेज स्थित गोलंबर पर था। रात के अंधेरे में चोरी-छिपे इसे काटा गया, ताकि किसी को भनक न लगे। लेकिन पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। आश्चर्य की बात यह है कि नगर परिषद ने इसके लिए वन विभाग से अनुमति भी नहीं ली।
पेड़ के नीचे मजदूर और राहगीर लेते थे आराम
गर्मी के दिनों में मजदूर इस पेड़ की छांव में विश्राम करते थे। वहीं, सत्तू और गन्ने के जूस के ठेले भी यहां लगते थे। राहगीर भी कुछ देर रुककर राहत महसूस करते थे। अब पेड़ कटने से मजदूरों और राहगीरों को परेशानी होगी।
पिछले साल शेखपुरा में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ी थी
सरकार की अनुमति के बिना पेड़ काटना कानूनन अपराध है। भारतीय वन कानून 1927 के सेक्शन 68 के तहत पर्यावरण कोर्ट में मामला दर्ज हो सकता है। इसमें दोषियों को जेल भी हो सकती है। पिछले साल शेखपुरा में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी थी। इसके बावजूद अधिकारी हरे-भरे पेड़ काटने से बाज नहीं आ रहे। वन विभाग भी मूकदर्शक बना हुआ है।
नगर परिषद और वन विभाग के दावे अलग-अलग
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विनय कुमार ने कहा कि पेड़ काटने से पहले वन विभाग को पत्र भेजा गया था, लेकिन अब तक अनुमति नहीं मिली। वहीं, वन विभाग के रेंजर अरविंद कुमार ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई पत्र नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।