लखीसराय: सूर्यगढ़ा में मंगलवार को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्रा ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को योजना के लाभ, आधुनिक विपणन, वित्तीय प्रबंधन और डिजिटल सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत एमएसएमई-डीएफओ, पटना के सहायक निदेशक एस. के. वर्मा के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कौशल उन्नयन, टूलकिट सहायता, ऋण सुविधा और बाजार से जुड़ाव जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
अपने संबोधन में जिला पदाधिकारी मिथिलेश मिश्रा ने कारीगरों को उत्पादों की बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन मार्केटप्लेस के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर कारीगर अपनी आय और बाजार दोनों का विस्तार कर सकते हैं।
कार्यक्रम में आरडीएसडीई, बिहार के क्षेत्रीय निदेशक आर. सी. मंडल ने प्रशिक्षण के बाद कारीगरों को आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए निरंतर मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग की आवश्यकता बताई। वहीं जिला उद्योग केंद्र, लखीसराय के महाप्रबंधक रूपेश कुमार झा ने राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कारीगरों को उद्यम स्थापना के लिए प्रोत्साहित किया।
लीड बैंक मैनेजर संजीत कुमार ने बैंकिंग सेवाओं, ऋण सुविधा, डिजिटल भुगतान और वित्तीय समावेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कारीगरों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से जुड़ने की अपील की।
तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने कारीगरों को व्यावहारिक जानकारी दी। पंकज कुमार ने विपणन और बिक्री रणनीति, गौरव कुमार ने व्यवसाय लेखांकन एवं वित्तीय प्रबंधन, जबकि सत्यपाल कुनाल (इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक) ने डिजिटल भुगतान और क्यूआर कोड के उपयोग पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम का समन्वय हर्ष राज द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों ने भाग लिया और योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इस पहल को कौशल विकास, उद्यमिता को बढ़ावा देने और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
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