मुंगेर: जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लक्ष्य के साथ स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। 10 फरवरी से प्रारंभ होने वाले सामूहिक दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए शनिवार को जिला फैब्रिकेटेड 100 बेड सदर अस्पताल के सभागार में मीडिया सहयोगियों के लिए संवेदीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन सीफार के सहयोग से किया गया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. राजू ने कहा कि फाइलेरिया मुक्त मुंगेर बनाना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी से जिले के 14,36,984 लाभार्थियों को फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाई जाएंगी। अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 11 फरवरी को सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर मेगा एमडीए कैंप आयोजित किया जाएगा, जहां स्वास्थ्यकर्मी लाभार्थियों को अपने सामने दवा सेवन कराएंगे। जीविका समूह के सदस्यों को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी अगले 14 दिनों तक घर-घर जाकर छूटे हुए लोगों को दवा खिलाएंगे और अंतिम तीन दिनों में स्कूलों में बूथ लगाकर अभियान को सफल बनाया जाएगा। फाइलेरिया रोधी दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और सामान्य रोगों से ग्रसित लोग भी इनका सेवन कर सकते हैं। दवा सेवन के बाद हल्के लक्षण दिखना दवा के प्रभाव का संकेत हो सकता है।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रामप्रवेश प्रसाद ने बताया कि डीईसी एवं अल्बेंडाजोल की निर्धारित खुराक स्वास्थ्यकर्मियों की निगरानी में दी जाएगी। दवा खाली पेट नहीं खानी है और गर्भवती महिलाओं, दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी।
कार्यक्रम में जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार पंकज कुमार प्रणव सहित स्वास्थ्य विभाग, डब्ल्यूएचओ, सीफार और पिरामल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने मीडिया से अभियान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में सहयोग की अपील की।