लखीसराय: शहर में शारदीय दुर्गा पूजा को लेकर रविवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। शनिवार की देर रात तक नगर भ्रमण करने के बाद बेलभरनी शोभायात्रा के माध्यम से माता को देवी मंदिर में विराजमान होने के लिए आमंत्रित किया गया। रविवार को महाष्टमी के प्रवेश के साथ ही ठीक 12 बजकर 5 मिनट पर मां दुर्गा की प्रतिमा का पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। पट खुलते ही भक्तों की आस्था उमड़ पड़ी और सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा।

लेकिन इस बार लखीसराय की दुर्गा पूजा केवल मां के दर्शन और आकर्षक प्रतिमाओं तक सीमित नहीं है। शहर के अलग-अलग पूजा स्थलों पर कहीं मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है, तो कहीं भारत माता की प्रतिमा के माध्यम से सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है। खासकर पुरानी बाजार चितरंजन रोड की अमिय भारत माता की प्रतिमा के जरिए नशामुक्त भारत का संदेश लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की गई है। वहीं, दूसरी ओर नो-इंट्री के बावजूद शहर में बड़े वाहनों के प्रवेश ने यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

महाष्टमी पर खुला मां का पट, दर्शन को उमड़े श्रद्धालु
लखीसराय में दुर्गा पूजा का उत्साह महाष्टमी पर चरम पर पहुंच गया। शनिवार देर रात तक नगर भ्रमण के बाद बेलभरनी शोभायात्रा के जरिए माता को देवी मंदिर में स्थापित होने के लिए आमंत्रित किया गया। रविवार को महाष्टमी प्रवेश करते ही रात 12 बजकर 5 मिनट पर मां दुर्गा की प्रतिमा का पट खोल दिया गया।

पट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह से ही भक्त पूजा-अर्चना में जुटे रहे। शहर के विभिन्न पूजा पंडालों और मंदिरों में धार्मिक माहौल देखने को मिला। परिवारों के साथ पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

भारत माता की प्रतिमा से नशामुक्ति का संदेश, पूजा के साथ सामाजिक जागरूकता
लखीसराय की दुर्गा पूजा में इस बार धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सरोकार भी दिखाई दे रहे हैं। पुरानी बाजार चितरंजन रोड स्थित अमिय भारत माता की प्रतिमा के माध्यम से लोगों को नशामुक्त भारत के लिए जागरूक करने का प्रयास किया गया है।

‘स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत’ और ‘नशा छोड़ो, जीवन बचाओ’ जैसे संदेशों के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी जा रही है। पूजा-पंडालों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए इस तरह के संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सकते हैं। धार्मिक आयोजन के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा देने की यह पहल दुर्गा पूजा को एक अलग पहचान देती है।

लखीसराय के पुरानी बाजार क्षेत्र में पीयूष भारत माता की प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इसके अलावा पुरानी बाजार टाउन थाना चौक की प्रतिमा और छोटी दुर्गा प्रतिमा के दर्शन के लिए भी लोग पहुंच रहे हैं।

पंजाबी मोहल्ले से पचना रोड तक, शहर में सजे मां के दरबार
लखीसराय के विभिन्न इलाकों में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाएं दुर्गा पूजा की रौनक बढ़ा रही हैं। पुरानी बाजार से लेकर नया बाजार और पचना रोड तक श्रद्धालुओं के बीच पूजा को लेकर उत्साह है।

शहर के प्रमुख पूजा स्थलों में शामिल हैं—
- पुरानी बाजार, चितरंजन रोड: अमिय भारत माता की प्रतिमा, जहां नशामुक्ति और स्वस्थ समाज का संदेश दिया जा रहा है।
- पुरानी बाजार: पीयूष भारत माता की प्रतिमा।
- पुरानी बाजार, टाउन थाना चौक: स्थापित प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र।
- पुरानी बाजार: छोटी दुर्गा प्रतिमा।
- पंजाबी मोहल्ला: मां काली की प्रतिमा और नया बाजार स्थित पंजाबी मोहल्ले में मां दुर्गा की प्रतिमा।
- पचना रोड: मां काली और भारत माता की प्रतिमाएं।
- नया बाजार: बड़ी दुर्गा देवी की भव्य प्रतिमा।
इन पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही से शहर का धार्मिक वातावरण जीवंत बना हुआ है। अलग-अलग इलाकों की पूजा समितियों की तैयारियों और प्रतिमाओं के दर्शन के साथ लोगों को दुर्गा पूजा की विविध झलक देखने को मिल रही है।

नो-इंट्री के बावजूद शहर में घुसे 9 बड़े वाहन, यातायात व्यवस्था पर सवाल
एक ओर शहर में महाष्टमी को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है, वहीं दूसरी ओर नो-इंट्री के बावजूद बड़े वाहनों का प्रवेश चिंता का विषय बना हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह से ही लखीसराय शहर में नो-इंट्री के दौरान नौ बड़े वाहन प्रवेश कर गए।

लखीसराय स्टेशन स्थित पुलिस चौकी पर तैनात जवानों ने नो-इंट्री में प्रवेश करने वाले वाहनों का चालान काटा। इसके बाद वाहनों को जल्द से जल्द शहर से बाहर निकालने के लिए विद्यापीठ चौक की ओर भेजा गया। बताया गया कि अधिकतर वाहन एसपी आवास यानी जमुई मोड़ की तरफ से शहर में प्रवेश कर रहे थे।

जब स्टेशन स्थित पुलिस चौकी पर तैनात जवानों से नो-इंट्री के बावजूद बड़े वाहनों के शहर में पहुंचने के संबंध में पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि अधिकतर वाहन जमुई मोड़ की तरफ से प्रवेश कर रहे हैं। बाजार में वाहनों को खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्टैंड नहीं होने के कारण चालान काटने के बाद उन्हें जल्द बाहर निकालना पड़ रहा है।

दुर्गा पूजा के दौरान शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में बड़े वाहनों का प्रवेश यातायात व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकता है। नो-इंट्री व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है।
आस्था, सामाजिक संदेश और व्यवस्था की चुनौती—तीन रंगों में दिखा लखीसराय
महाष्टमी पर लखीसराय की तस्वीर में तीन अलग-अलग पहलू सामने आए। मां दुर्गा के पट खुलते ही श्रद्धालुओं की भक्ति उमड़ पड़ी। भारत माता की प्रतिमाओं के जरिए नशामुक्ति और स्वस्थ समाज का संदेश दिया गया। वहीं, नो-इंट्री के बावजूद बड़े वाहनों के प्रवेश ने शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए।
दुर्गा पूजा केवल प्रतिमाओं के दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों का अवसर नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का भी समय है। लखीसराय के पूजा पंडालों में जहां आस्था का उत्सव जारी है, वहीं नशामुक्ति जैसे संदेश लोगों को बेहतर समाज बनाने की प्रेरणा दे रहे हैं। अब श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही और यातायात व्यवस्था बनाए रखना भी इस उत्सव का अहम हिस्सा है।
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