लखीसराय: स्थानीय सदर अस्पताल में शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. जयप्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एचआईवी, एड्स एवं सामाजिक सुरक्षा विषय पर संवेदीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाना, इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना तथा मरीजों को उपलब्ध सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी प्रदान करना था।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में सिविल सर्जन डॉ. जे.पी. सिंह ने एचआईवी/एड्स के कारण, लक्षण, संक्रमण के तरीके एवं बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एचआईवी एक संक्रामक रोग है, जो असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सुई के प्रयोग, संक्रमित रक्त चढ़ाने तथा संक्रमित माता से शिशु में फैल सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामान्य संपर्क—जैसे साथ बैठना, हाथ मिलाना या भोजन साझा करना—से एचआईवी नहीं फैलता। समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करना अत्यंत आवश्यक है ताकि संक्रमित व्यक्तियों के साथ भेदभाव न हो।
बैठक में एचआईवी/एड्स से प्रभावित व्यक्तियों के लिए संचालित दो महत्वपूर्ण योजनाओं—परवरिश योजना एवं बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना—की विस्तृत जानकारी दी गई। बताया गया कि इन योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लाभार्थियों को आर्थिक सहायता एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाती है, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।
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कार्यक्रम में एचआईवी एवं एड्स (रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 2017 के प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला गया। इस अधिनियम के तहत एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को गोपनीयता का अधिकार, उपचार का अधिकार तथा किसी भी प्रकार के भेदभाव से संरक्षण प्रदान किया गया है।
इसके अतिरिक्त केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, एआरटी (एंटी रेट्रोवायरल थेरेपी) सुविधा तथा निःशुल्क जांच एवं परामर्श सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों एवं संबंधित अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर संचारी रोग पदाधिकारी सह जिला एड्स नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. निवास शर्मा, उपाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, एड्स नियंत्रण पदाधिकारी अरविंद कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
