लखीसराय: जिला विधिज्ञ संघ लखीसराय की आमसभा की बैठक बुधवार को आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से कई अहम संकल्प पारित किए गए। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता श्री चन्द्रमौलेश्वर प्रसाद सिन्हा ने की।
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आमसभा में बिहार स्टेट बार काउंसिल, पटना द्वारा पत्र संख्या 2590 से 2592, दिनांक 15 दिसंबर 2025 के माध्यम से निवर्तमान महासचिव सुबोध कुमार के कार्यकाल विस्तार के निर्णय की कड़ी निंदा की गई। आमसभा ने स्पष्ट किया कि यदि सुबोध कुमार उक्त पत्र के आधार पर संघ का कोई भी कार्य करने का प्रयास करते हैं, तो उन्हें पदच्युत मानते हुए संघ की किसी भी गतिविधि से पूर्णतः वंचित किया जाएगा।
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बैठक में यह भी संकल्प पारित किया गया कि पदच्युत महासचिव के इशारे पर या उनके समर्थन से यदि कोई व्यक्ति वकालतनामा, स्टांप, रसीद, हाजिरी अथवा अन्य प्रपत्रों की बिक्री में संलिप्त पाया जाता है, तो ऐसे कार्य में सहयोग करने वाले अधिवक्ताओं को संघ की सभी सुविधाओं और लाभों से वंचित कर दिया जाएगा।
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आमसभा में सुबोध कुमार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। सदस्यों ने कहा कि बीते दो वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने कभी संघ के आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत नहीं किया, न ही ऑडिट कराया गया। इसके अलावा बैंक खाते का नियमित संचालन नहीं हुआ और बिहार राज्य अधिवक्ता कल्याण कोष में देय राशि का भुगतान भी नहीं किया गया। इसे अधिवक्ताओं के हितों के प्रति घोर लापरवाही बताया गया।
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इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए आमसभा ने मॉडल रूल के नियम 32(बी) के तहत अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए सुबोध कुमार को औपचारिक रूप से पदच्युत करने तथा संघ के किसी भी कार्य में भाग लेने से वंचित करने का प्रस्ताव पारित किया।
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आमसभा ने यह भी स्पष्ट किया कि निवर्तमान महासचिव एवं कोषाध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद बिहार स्टेट बार काउंसिल के पत्र के आलोक में अलग से प्रपत्र बिक्री कर संघ को आर्थिक क्षति पहुंचाने और आय-व्यय का विवरण नहीं देने के कारण यह निर्णय लिया गया। संघ ने सभी अधिवक्ताओं से एकजुट रहने और संघ की पारदर्शिता एवं गरिमा बनाए रखने की अपील की।

कृष्णदेव प्रसाद यादव, लखीसराय.