जिला पदाधिकारी आरिफ अहसन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में हर घर नल का जल योजना की समीक्षा हुई। डीएम ने कहा, नल जल की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए पीएचईडी शेखपुरा के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि वे खुद क्षेत्र में जाकर योजनाओं की जांच करें।
समीक्षा में प्रखंडवार और वार्डवार योजनाओं की स्थिति देखी गई। जिन टोलों में नया कनेक्शन देना है, वहां जल्द काम पूरा करने का आदेश दिया गया। लिकेज और पाइप खराबी की समस्या को देखते हुए मरम्मत दल की संख्या बढ़ाने को कहा गया। डीएम ने कहा, अगर कोई एजेंसी जानबूझकर काम में देरी कर रही है तो उसे काली सूची में डालें और नियमानुसार दूसरी एजेंसी से काम कराएं।
जहां बिजली की समस्या से जलापूर्ति बाधित है, वहां दो दिन के अंदर विद्युत प्रमंडल से समन्वय कर सुधार कराने का निर्देश दिया गया। डीएम ने सभी कनीय अभियंताओं को कहा कि अगर किसी ने टुल्लू पंप या अन्य अवैध कनेक्शन किया है तो ऐसे लोगों की पहचान कर प्राथमिकी दर्ज कराएं।
पीएचईडी द्वारा एजेंसी के माध्यम से कराए जा रहे नए योजनाओं की जांच कराने का भी आदेश दिया गया। डीएम ने कहा, जो एजेंसी गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं करेगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। सभी प्रखंडों में क्यूआरटी दल बनाने का आदेश दिया गया ताकि जलापूर्ति बाधित होने पर तुरंत सुधार हो सके।
नगर परिषद शेखपुरा क्षेत्र में नई पेयजल योजना के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश नगर कार्यपालक पदाधिकारी को दिया गया। प्याऊ और स्टैंड पोस्ट की संख्या बढ़ाने का भी आदेश दिया गया।
समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता-सह-जिला गोपनीय पदाधिकारी, सभी वरीय उप समाहर्ता, जिलास्तरीय पदाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी मौजूद थे।