लखीसराय के किउल थाना क्षेत्र में जिला परिवहन विभाग ने अवैध रूप से संचालित एक ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल पर बड़ी कार्रवाई की है। यह स्कूल एक निजी फिजिकल एकेडमी के माध्यम से चलाया जा रहा था, जहां बिहार पुलिस की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को बिना वैध अनुमति के ड्राइविंग प्रशिक्षण दिया जा रहा था।
जिला परिवहन पदाधिकारी मुकुल पंकज मणि ने बताया कि विभाग को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान पाया गया कि संस्थान के पास ड्राइविंग स्कूल संचालन से जुड़ा कोई वैध लाइसेंस, फिटनेस प्रमाण पत्र या आवश्यक सुरक्षा मानक नहीं थे। कार्रवाई के दौरान निजी नंबर की तीन गाड़ियों को जब्त किया गया, जिनका उपयोग व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा दो लॉगबुक भी बरामद की गईं, जिनमें प्रशिक्षुओं के ड्राइविंग शिफ्ट और प्रशिक्षण का विवरण दर्ज था।
परिवहन विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के उल्लंघन के तहत की गई है। बिना लाइसेंस ड्राइविंग स्कूल चलाना, निजी वाहनों का व्यावसायिक उपयोग करना और आवश्यक मानकों का पालन न करना कानूनन अपराध है।
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जिला परिवहन पदाधिकारी ने आम लोगों और अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे केवल सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ड्राइविंग स्कूलों में ही प्रशिक्षण लें। अवैध संस्थानों से प्रशिक्षण न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा पैदा करता है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
